Sheesh Mahal Row: 'शीश महल' बनेगा दिल्ली का स्टेट गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर! अरविद केजरीवाल के पुराने घर को लेकर बड़ा फैसला

Sheesh Mahal Row: आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल के पूर्व आधिकारिक मुख्यमंत्री आवास (6 फ्लैगस्टाफ रोड, सिविल लाइंस) को लेकर दिल्ली सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। खबरों के मुताबिक, इस बंगले को अब एक भव्य स्टेट गेस्ट हाउस (State Guest House) और कल्चरल सेंटर (Cultural Centre) के रूप में विकसित किया जाएगा

अपडेटेड Jul 08, 2026 पर 2:30 PM
Sheesh Mahal Row: दिल्ली सरकार इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव तैयार कर रही है

Sheesh Mahal Row: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पूर्व सरकारी आवास अब स्टेट गेस्ट हाउस (State Guest House) और कल्चरल सेंटर (Cultural Centre) में बदला जा सकता है। केजरीवाल के पुराने घर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनावी अभियान के दौरान 'शीश महल' नाम दिया था। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की तैयारी में है। यानी जल्द ही 'शीश महल' को स्टेट गेस्ट हाउस और कल्चरल सेंटर में बदला जा सकता है।

अक्टूबर 2024 से खाली पड़ा है बंगला

उत्तर दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित 6, फ्लैगस्टाफ रोड का यह सरकारी बंगला अक्टूबर 2024 से खाली है। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद अरविंद केजरीवाल और उनका परिवार इस आवास से बाहर चले गए थे। तब से यह भवन खाली पड़ा है। इस बंगले के रेनोवेशन और सजावट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केजरीवाल और AAP पर तीखे हमले के बाद इस आलीशान घर को लेकर राजनीति ने एक नया मोड़ ले लिया था।


रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक

एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में एक उच्चस्तरीय बैठक में इस घर के भविष्य को लेकर चर्चा की गई। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को भवन की मौजूदा स्थिति का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने अपनी रैलियों और जनसभाओं में बंगले के छोटे मॉडल भी दिखाए थे।

क्या-क्या होगा नए परिसर में?

रेनोवेशन के बाद बंगले का बना हुआ एरिया (बिल्ट-अप एरिया) एक-तिहाई से ज्यादा बढ़ गया। यह 1,397 वर्ग मीटर से बढ़कर 1,905 वर्ग मीटर हो गया। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने भी प्रोजेक्ट के दौरान रेनोवेशन की शुरुआती लागत के अनुमानों में चार बार बदलाव किया। प्रस्ताव के अनुसार, इस परिसर को आधुनिक स्टेट गेस्ट हाउस और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें-

  • VIP और सरकारी मेहमानों के लिए गेस्ट रूम बनाया जाएगा। यानी मेहमानों के ठहरने के लिए आधुनिक कमरे बनाए जाएंगे।
  • आधिकारिक बैठकों के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल की व्यवस्था होगी।
  • एक बड़ा ऑडिटोरियम (सभागार) तैयार किया जाएगा, जहां कलात्मक कार्यक्रम, प्रदर्शनियां (Exhibitions) और सरकारी समारोह आयोजित किए जा सकेंगे।
  • प्रदर्शनियों और सरकारी समारोहों के आयोजन की सुविधाएं शामिल की जा सकती हैं।

दिल्ली में नहीं है अपना स्टेट गेस्ट हाउस

रिपोर्ट के अनुसार, देश के अधिकांश राज्यों के पास अपना आधिकारिक स्टेट गेस्ट हाउस है, जहां विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, राज्यों के अतिथियों और उच्च अधिकारियों को ठहराया जाता है। लेकिन दिल्ली के पास फिलहाल ऐसा कोई समर्पित राज्य अतिथि गृह नहीं है। इसी जरूरत को देखते हुए इस भवन के उपयोग का प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि, दिल्ली सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल योजना अंतिम चरण में बताई जा रही है। PWD की रिपोर्ट मिलने के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

'शीश महल' क्यों बना था राजनीतिक मुद्दा?

सिविल लाइंस स्थित इस बंगले के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण को लेकर BJP ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर लगातार हमला बोला था। BJP ने आरोप लगाया था कि सरकारी धन का अत्यधिक खर्च किया गया और निर्माण कार्य के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ। इसी वजह से BJP ने इसे 'शीश महल' नाम दिया था। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान इसकी फोटो भी चुनावी सभाओं में प्रदर्शित की थी।

बढ़ा था निर्माण क्षेत्र और लागत

रिपोर्ट के मुताबिक, नवीनीकरण के दौरान बंगले का निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) लगभग 1,397 वर्गमीटर से बढ़कर 1,905 वर्गमीटर हो गया था। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने परियोजना के दौरान नवीनीकरण की अनुमानित लागत में कई बार संशोधन भी किया था।

विजिलेंस जांच भी हुई थी शुरू

बंगले के निर्माण और नवीनीकरण में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद दिल्ली निदेशालय (Directorate of Vigilance) ने भी मामले की जांच शुरू की थी। इसी वजह से यह आवास लंबे समय तक राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का केंद्र बना रहा।

लापरवाही और जांच के दायरे में निर्माण

क्षेत्रफल में बढ़ोतरी: रिनोवेशन के दौरान इस बंगले का निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) एक-तिहाई से ज्यादा बढ़ा दिया गया, जो 1,397 वर्ग मीटर से बढ़कर 1,905 वर्ग मीटर हो गया।

बजट में हेरफेर: पीडब्ल्यूडी (PWD) ने इस प्रोजेक्ट के दौरान इसके शुरुआती खर्च के अनुमान को चार बार बदला था।

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विजिलेंस जांच: अरविंद केजरीवाल और उनका परिवार 2015 से इस बंगले में रह रहा था। रिनोवेशन में अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बाद सतर्कता निदेशालय (Directorate of Vigilance) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है।

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