Amritsar News : पंजाब के अमृतसर में रविवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता हरजिंदर सिंह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात छेहरटा साहिब गुरुद्वारा के पास उस समय हुई जब हरजिंदर सिंह वहां मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार हमलावरों ने हरजिंदर सिंह के सिर में दो गोलियां मारी। गंभीर रूप से घायल हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
अकाली दल के पार्षद की हत्या
बता दें कि हरजिंदर सिंह अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु क्षेत्र से पार्षद थे। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है। पीड़ित के भाई और बहनोई ने बताया कि हमलावर वही लोग हैं जिन्होंने पहले भी हरजिंदर सिंह के घर पर फायरिंग की थी और उन्हें लगातार धमकियां दे रहे थे। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
हमलावरों ने बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां
हरजिंदर सिंह एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने आए थे और जैसे ही वे बाहर निकले, बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार, हमलावरों की संख्या तीन से चार थी और वे एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे। एडीसीपी हरपाल सिंह रंधावा ने बताया कि घटना के तुरंत बाद हरजिंदर सिंह को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने हमला किया, वे वही हैं जिन्होंने कुछ समय पहले हरजिंदर सिंह के घर पर भी फायरिंग की थी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पार्टी पार्षद हरजिंदर सिंह की हत्या पर गहरा शोक जताया और इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने पंजाब में कानून व्यवस्था की गिरती स्थिति के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
मजीठिया ने सोशल मीडिया पर हरजिंदर सिंह के घर पर पहले हुए हमले की सीसीटीवी फुटेज साझा की और सवाल उठाया कि जब यह मामला राज्य के पुलिस महानिदेशक तक पहुंचा था, तब भी कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अपने पोस्ट में मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि वे गहरी नींद से जागें और राज्य में शांति व्यवस्था बहाल करें। उन्होंने हरजिंदर सिंह की हत्या के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।