शिवसेना UBT में एक और टूट तय! दिल्ली पहुंचे उद्धव सेना के 6 सांसद, लोकसभा स्पीकर से मिलकर नया गुट बनाने का करेंगे दावा

Shiv Sena UBT MPs Rebellion: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अंदर एक और बगावत की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। ऐसी अटकलें हैं कि छह से सात लोकसभा सांसद और 14-16 विधायक उद्धव सेना का खेमा छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 8:41 AM
UBT MPs Rebellion: बताया जा रहा है कि शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं

UBT MPs Rebellion: शिवसेना में फूट और महाराष्ट्र की राजनीति बदलने वाली बगावत के चार साल बाद पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे एक बार फिर वैसी ही चुनौती का सामना कर रहे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अंदर एक और बगावत की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। इस बार सबका ध्यान मुंबई की सत्ता के गलियारों से हटकर नई दिल्ली पर आ गया है। ऐसी अटकलें हैं कि छह से सात लोकसभा सांसद और 14-16 विधायक उद्धव सेना का खेमा छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन चर्चा इतनी तेज हो गई है कि पार्टी नेताओं को आपातकालीन बैठकें बुलानी पड़ रही हैं। दरअसल, शिवसेना UBT ने ही अपने लोकसभा सांसदों के टूटने की खबर पर मुहर लगा दी है। ऐसी आशंका हैकि लोकसभा में शिवसेना यूबीटी के 9 सांसदों में से 6 अलग गुट बना सकते हैं।

पार्टी के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को कल देर रात पत्र लिखकर कहा है कि हमारे कुछ सांसद अलग होने के लिए आपको संपर्क कर सकते हैं। इस बीच UBT के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि सांसद को ₹15 करोड़ का ऑफ़र है।


एकनाथ शिंदे का बढ़ जाएगा कद

शिवसेना UBT के सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। इससे शिवसेना के सांसदों की लोकसभा में संख्या 13 तक पहुंच सकती है। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस यानी TMC के बाद शिवसेना में टूट से NDA का आंकड़ा 313 तक पहुंच सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि ये सारी मशक़्क़त महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन कानून को पास करने के लिए हो रही है। यह संविधान संशोधन होने के कारण 362 सांसदों यानी दो तिहाई बहुमत चाहिए।

संजय राउत का बड़ा दावा

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने मंगलवार देर रात दावा किया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि दी जा रही है। उनके इस बयान से पार्टी के कुछ लोकसभा सदस्यों के पाला बदलने की अटकलों को और बल मिला है। इससे पहले, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के सांसदों के संभावित विद्रोह (संभवतः तृणमूल कांग्रेस की तर्ज पर) की अटकलें तब और तेज हो गईं, जब सत्तारूढ़ शिवसेना के नेता प्रताप सरनाइक ने संकेत दिया कि बागी सांसदों का स्वागत किया जाएगा और पाला बदलने पर उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

इस बीच चर्चाएं तब शुरू हुईं जब राउत दिल्ली पहुंचे। शिवसेना (UBT) नेता को उद्धव ठाकरे का करीबी माना जाता है। इससे यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह पार्टी के नौ सांसदों द्वारा अलग समूह बनाने की किसी संभावित कोशिश को रोकने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं।

15 करोड़ रुपये मिलने का दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर देर रात किए गए एक पोस्ट में राउत ने कहा, "अपना सपना मनी...मनी! खबर है कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने के लिए आज रात 15 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि दी जाएगी। यह चौंकाने वाला और शर्मनाक है!"

इससे पहले राउत और उनकी पार्टी शिवसेना (UBT) के सहयोगी और लोकसभा सदस्य अनिल देसाई ने इस बात को खारिज कर दिया था कि कुछ सांसद अलग गुट बना सकते हैं। सांसदों के बीच बगावत की चर्चाओं के बीच शिवसेना नेता और राज्य के परिवहन मंत्री सरनाइक ने इशारों-इशारों में बागी सांसदों को एक तरह का न्योता दिया।

शिवसेना (UBT) के नौ में से केवल चार सांसदों के बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बाद पाला बदलने की संभावनाओं को और बल मिला। राउत ने दावा किया था कि पांच अन्य सांसद डिजिटल माध्यम से और फोन पर बैठक में शामिल हुए थे।

बैठक से गायब रहे ये नेता

सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने जहां बैठक में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। वहीं ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ऑनलाइन शामिल हुए। राउत ने बताया कि एक और सांसद, संजय जाधव ने ठाकरे से फोन पर बात की। एक बयान में कहा गया कि सांसदों ने अपनी मां, बच्चों, साईं बाबा और देवी तुलजाभवानी की शपथ खाकर कहा कि वे पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे का साथ नहीं छोड़ेंगे।

शिवसेना (उबाठा) के लिए किसी भी खतरे की बात को खारिज करते हुए राउत ने किसी भी संकट से निपटने की पार्टी की क्षमता पर भी भरोसा जताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस चर्चा के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने के लिए दिल्ली आए हैं कि शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की तरह अलग समूह बना सकते हैं, तो राउत ने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया।

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राउत ने कहा कि उनकी पार्टी की 60 साल पुरानी विरासत है। उसका अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन करने का इतिहास रहा है। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से “छह से सात” सांसद सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं। फिलहाल वे राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले हुए हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे भी मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंचने वाले थे।

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