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Republic Day: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र, कर्नल सोफिया कुरैशी को मिलेगा ये बड़ा सम्मान

Republic Day: ऑपरेशन सिंदूर के बारे में दुनिया को बताने वाली भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को भी इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सरकार ने कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित करने की घोषणा की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2026 पर 9:51 PM
Republic Day: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र, कर्नल सोफिया कुरैशी को मिलेगा ये बड़ा सम्मान
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अशोक चक्र, कीर्ति चक्र समेत अन्य गैलेंट्री अवॉर्ड की घोषणा की गई।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर अशोक चक्र, कीर्ति चक्र समेत अन्य गैलेंट्री अवॉर्ड की घोषणा की गई। वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें एक्सिओम मिशन 4 के दौरान उनके साहस और अहम योगदान के लिए मिला। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के बारे में दुनिया को बताने वाली भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को भी इस बार गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सरकार ने कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित करने की घोषणा की है।

शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

जून 2025 में इस मिशन में वे पायलट की भूमिका में थे। यह चार दशकों से भी ज्यादा समय में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की पहली भारतीय यात्रा थी, जो अपने आप में ऐतिहासिक मानी जाती है। 25 जून 2025 को उन्हें स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान ग्रेस से अंतरिक्ष में भेजा गया। शुभांशु शुक्ला का यह मिशन 18 दिनों का था, जिसमें 60 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग किए गए। इनमें से सात प्रयोग इसरो द्वारा किए गए थे।

शुभांशु शुक्ला ने पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर एक बहुराष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनते हुए इस चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। करीब 26 घंटे की यात्रा के बाद उनका अंतरिक्ष यान इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़ा। इस मिशन के दौरान किए गए अहम शोध भारत के गगनयान कार्यक्रम को और मजबूत करेंगे, जिसे 2027 में लॉन्च किया जाना है। इस मिशन में शुभांशु शुक्ला ने बेहद जोखिम भरे हालात में अंतरिक्ष यान को संभाला। उन्होंने ऑर्बिट में जटिल उड़ान संचालन किया और माइक्रोग्रैविटी में काम को सफलतापूर्वक मैनेज किया। संभावित तकनीकी खराबी या धरती पर लौटते समय होने वाले खतरों के बीच उनका साहस और संयम काबिले-तारीफ रहा।

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