Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश की राजनीति में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि खंडवा जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार (National Water Award) जीतने के लिए AI द्वारा बनाई गई फर्जी तस्वीरों का सहारा लिया। कांग्रेस ने इसे 'स्मार्ट करप्शन' करार देते हुए राष्ट्रपति तक को गुमराह करने का दावा किया है।
'AI से गड्ढों को कुआं बना दिया'
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। पटवारी ने दावा किया कि खंडवा में अधिकारियों ने AI की मदद से 2 फीट गहरे गड्ढों को गहरे कुओं में बदल दिया और इन फर्जी तस्वीरों को सरकारी पोर्टल पर अपलोड कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं नकली तस्वीरों के आधार पर जिले ने राष्ट्रपति से देश का नंबर-1 वॉटर अवार्ड और 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार हासिल कर लिया। पटवारी ने कहा कि बच्चों को AI का सही इस्तेमाल सिखाने के बजाय, भाजपा इसका उपयोग भ्रष्टाचार के लिए कर रही है।
'AI तस्वीरों का अवार्ड से नहीं है संबंध'
विवाद बढ़ता देख खंडवा जिला प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। जिला पंचायत के CEO नागार्जुन बी गौडा ने स्पष्ट किया कि, 'जल संरक्षण के तहत हुए 1,29,046 कार्यों की जांच के बाद ही असली तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड की गई थीं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने इन कार्यों का रैंडम फील्ड इंस्पेक्शन भी किया था। CEO ने स्वीकार किया कि 21 AI-जनरेटेड तस्वीरें 'कैच द रेन' पोर्टल पर अपलोड हुई थीं, लेकिन यह पोर्टल केवल शिक्षा और प्रेरणा के लिए है।
प्रशासन का कहना है कि ये 21 तस्वीरें संभवतः किसी 'दुर्भावनापूर्ण इरादे' से अपलोड की गई थीं और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि नवंबर में आयोजित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में खंडवा जिले को केंद्र के 'जल संचय, जन भागीदारी' (JSJB) अभियान के तहत जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरे देश में प्रथम स्थान मिला था। प्रशासन का तर्क है कि अवार्ड की चयन प्रक्रिया बहुत सख्त है और यह केवल चंद तस्वीरों के आधार पर नहीं दिया जाता।