
Somnath Amrut Mahotsav: प्रधानमंत्री मोदी ने एक मेगा रोड शो करने के बाद भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में प्रवेश किया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 'महा पूजा' करने के साथ ही शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। PM मोदी ने कुंभाभिषेक भी देखा, जिसमें देश भर के प्रमुख तीर्थ स्थलों से एकत्रित पवित्र जल को क्रेन की सहायता से मंदिर के शिखर पर छिड़का गया
Somnath Amrut Mahotsav: 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' का आयोजन 1951 में पुनर्निर्मित इस मंदिर का भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा लोकार्पण किए जाने की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। पूजा-अर्चना के बाद प्रधानमंत्री ने सद्भावना मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया।
Somnath Amrut Mahotsav: पीएम मोदी ने X पर लिखा, "सोमनाथ की भव्य और दिव्य पावन धरा पर महादेव के चरणों में महापूजा और कुंभाभिषेक का परम सौभाग्य प्राप्त करना जीवन के अत्यंत भावपूर्ण और अविस्मरणीय क्षणों में से एक है। ईश्वर रूपी जनता जनार्दन का स्मरण करते हुए महादेव के दर्शन और पूजन का यह अलौकिक अवसर, हृदय को अनंत आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और शिवमय चेतना से अभिभूत कर गया है।"
Somnath Amrut Mahotsav: प्रधानमंत्री मोदी ने 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' में भाग लेने से पहले सोमवार को गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में रोड शो किया। हैलीपेड से प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पास वीर हमीरजी सर्कल तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे मार्ग पर PM का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े थे। क्षेत्र से पीएम मोदी का काफिला गुजरते समय लोगों ने झंडे लहराए और नारे लगाए।
Somnath Amrut Mahotsav: रोड शो की तस्वीरों के साथ पीएम मोदी ने X पर लिखा, "पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पावनधाम सोमनाथ आकर दिव्य अनुभूति हुई है। इस अवसर पर मंदिर मार्ग पर भगवान सोमनाथ के भक्तों के जोश और प्रचंड उत्साह को देखकर मन अभिभूत और भावविभोर है! सोमनाथ अमृत महोत्सव का भक्तिमय वातावरण हर तरफ अद्भुत ऊर्जा का संचार कर रहा है।"
Somnath Amrut Mahotsav: प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के तहत रविवार रात जामनगर पहुंचे और रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह सोमनाथ पहुंचे। सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और भारत की अटूट आस्था तथा सभ्यतागत विरासत का प्रतीक है।
Somnath Amrut Mahotsav: प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "आज भारत विकास के साथ-साथ अपनी विरासत को भी आगे बढ़ा रहा है। आजादी के बाद सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत के स्वाभिमान के उदय का प्रतीक था। भगवान महादेव शाश्वत हैं, समय से परे हैं और स्वयं समय का स्वरूप हैं।"