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यूपी चुनाव से पहले सपा का बड़ा फैसला! I-PAC से तोड़ा नाता, ममता की हार या अंदरूनी विरोध बना वजह?

सूत्रों के अनुसार, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और I-PAC के बीच होने वाली साझेदारी अब टूट गई है। बताया जा रहा है कि कानूनी दिक्कतें, चुनावी झटके और पार्टी के अंदर विरोध की वजह से यह फैसला लिया गया।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड May 06, 2026 पर 12:50 PM
यूपी चुनाव से पहले सपा का बड़ा फैसला! I-PAC से तोड़ा नाता, ममता की हार या अंदरूनी विरोध बना वजह?
यूपी चुनाव से पहले सपा का बड़ा फैसला! I-PAC से तोड़ा नाता

सूत्रों के अनुसार, 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के बीच होने वाली साझेदारी अब टूट गई है। बताया जा रहा है कि कानूनी दिक्कतें, चुनावी झटके और पार्टी के अंदर विरोध की वजह से यह फैसला लिया गया।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव I-PAC को नियुक्त करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। बताया जाता है कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सुझाव पर I-PAC ने पार्टी नेतृत्व के सामने प्रस्तुति दी थी, लेकिन बातचीत इससे आगे नहीं बढ़ी और कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ।

इस साल समझौता रद्द हुआ

वहीं, I-PAC के सूत्रों ने बताया कि इस साल की शुरुआत में हुआ समझौता अब रद्द हो चुका है। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल को पश्चिम बंगाल में कोयला तस्करी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कंपनी की कामकाज की स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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