महिला आरक्षण कानून में संशोधनों पर विचार और पारित करने के लिए संसद के 3 दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। वहीं इस सेशन के पहले दिन केंद्र सरकार ने आज गुरुवार को 3 बिल पेश कर दिए। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। हालांकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने इन बिलों का विरोध किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर अपने वक्तव्य रखते हुए कहा कि हमारे देश में जबसे महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई। उसके बाद जब-जब चुनाव आया है। हर चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया है, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया है।
