Sunjay Kapur Inheritance Dispute: दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर छिड़ी कानूनी जंग अब एक बेहद कड़वे मोड़ पर आ गई है। संजय कपूर की 80 वर्षीय मां, रानी कपूर ने अपनी बहू प्रिया कपूर सचदेव के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक नया सिविल सूट दायर किया है। रानी कपूर ने इस विवाद में 'विश्वास के साथ धोखाधड़ी' और अपने बेटे को 'गुमराह' करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
'रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट एक साजिश है'
रानी कपूर ने अदालत में 'रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट' की वैधता को चुनौती दी है। उन्होंने इस ट्रस्ट को 'फर्जी' बताते हुए कहा कि इसे उनके साथ साजिश और हेरफेर करके बनाया गया था। याचिका में दावा किया गया है कि इस ट्रस्ट का इस्तेमाल परिवार की संपत्तियों और सोना ग्रुप के नियंत्रण को अवैध रूप से हथियाने के लिए किया गया है।रानी कपूर ने आरोप लगाया कि प्रिया ने उनके दिवंगत बेटे संजय को इस 'धोखाधड़ी' के लिए मैनिपुलेट किया था।
'13 दिनों के शोक में भी चलती रही साजिश'
रानी कपूर की याचिका में लगाए गए आरोपों ने सबको चौंका दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके बेटे की मृत्यु 'रहस्यमय परिस्थितियों' में हुई थी। याचिका के अनुसार, संजय की मृत्यु के बाद जब परिवार 13 दिनों के शोक में था, तब प्रिया कपूर सचदेव ने ग्रुप के मामलों पर नियंत्रण पाने के लिए बेहद जल्दबाजी में कई बड़े फैसले लिए। रानी कपूर का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर पारिवारिक व्यवसाय और संपत्ति के फैसलों से अलग-थलग कर दिया गया।
लोकेशन रिकॉर्ड्स ने बढ़ाई प्रिया की मुश्किलें
इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ तब आया जब प्रिया कपूर सचदेव के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। दरअसल प्रिया ने कोर्ट में हलफनामा दिया था कि 21 मार्च 2025 को संजय कपूर की वसीयत बनवाने के समय वे गुरुग्राम में मौजूद थीं। हालांकि, वायरल रिकॉर्ड्स के मुताबिक, उस दिन सुबह 9:22 से शाम 4:30 बजे के बीच उनका फोन दिल्ली के सेल टावरों से जुड़ा था, न कि गुरुग्राम से। कानूनी जानकारों के मुताबिक, यह विरोधाभास वसीयत की सच्चाई पर बड़े सवाल खड़े करता है।
रानी कपूर ने हाई कोर्ट से स्थायी आदेश की मांग की है ताकि, प्रिया और उनके सहयोगियों को इस विवादित ट्रस्ट का इस्तेमाल करने से रोका जाए। इसके साथ ही ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों को बेचने या ट्रांसफर करने पर तुरंत रोक लगाई जाए। आपको बता दें कि यह मामला अब देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट और पारिवारिक कानूनी विवादों में से एक बन गया है, जिस पर पूरी इंडस्ट्री की नजर टिकी है।