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'सलवार उतारना, सीने को दबाना ‘रेप अटेम्प्ट’ नहीं', पटना HC के इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट नाराज

Supreme Court: किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसकी छाती दबाकर छेड़छाड़ करना 'रेप की कोशिश' (attempt to rape) नहीं माना जाएगा। पटना हाईकोर्ट के इस हालिया फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jul 15, 2026 पर 6:35 PM
'सलवार उतारना, सीने को दबाना ‘रेप अटेम्प्ट’ नहीं', पटना HC के इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट नाराज
महिला से छेड़छाड़ को लेकर पटना HC के फैसले पर SC सख्त

Supreme Court: पटना हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में माना था कि किसी महिला की सलवार उतारने की कोशिश करना और उसकी छाती दबाकर छेड़छाड़ करना 'रेप की कोशिश' (attempt to rape) नहीं माना जाएगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने अब हाई कोर्ट के इस हालिया फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की और संकेत दिया कि अदालत पटना हाई कोर्ट के आदेश पर समीक्षा करके एक विस्तृत आदेश जारी करेगी।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने पटना हाईकोर्ट के इस फैसले की जानकारी दी। यह सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले को लेकर शुरू किए गए स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) मामले में हो रही थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नाबालिग लड़की के स्तन पकड़ना, उसके पजामे का नाड़ा खोलना और उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना 'रेप की कोशिश' के अपराध के दायरे में नहीं आता है।

सुनवाई के दौरान, बेंच ने नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी की एक्सपर्ट कमिटी की उस रिपोर्ट को मंजूरी दी, जिसमें यौन अपराधों के मामलों में न्यायिक संवेदनशीलता से जुड़ी गाइडलाइंस दी गई थीं।

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