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'न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे'; NCERT के 'ज्यूडिशियरी में करप्शन' वाले चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

NCERT Book Row: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (25 फरवरी) को क्लास 8 की NCERT किताब में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' के जिक्र की कड़ी आलोचना की। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी को भी इस बात की इजाजत नहीं दी जाएगी कि वो न्यायपालिका को बदनाम करें

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Feb 25, 2026 पर 2:48 PM
'न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे'; NCERT के 'ज्यूडिशियरी में करप्शन' वाले चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी
NCERT Book Row: सुप्रीम कोर्ट ने 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' के जिक्र पर क्लास 8 की NCERT किताब की आलोचना की

NCERT Book Row: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (25 फरवरी) को नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की क्लास 8 की नई किताब में 'ज्यूडिशियरी में करप्शन' से जुड़े कंटेंट पर स्वतः संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। शीर्ष अदालत ने कहा कि धरती पर किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति नहीं देंगे। खुद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने क्लास 8 की नई किताब में 'ज्यूडीशियल करप्शन' से जुड़े चैप्टर पर कड़ी आपत्ति जताई। CJI ने कहा कि किसी को भी इस बात की इजाजत नहीं दी जाएगी कि वो न्यायपालिका को बदनाम करें।

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और मुकुल रोहतगी ने सीजेआई के सामने यह मामला उठाया था। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष सिब्बल ने कहा कि यह दुख की बात है कि कक्षा 8 के बच्चों को 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' के बारे में पढ़ाया जा रहा है। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है। उन्हें लगातार इस बारे में फोन कॉल और मैसेज मिल रहे हैं। बार और बेंच दोनों इससे व्यथित है।

इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीजेआई ने कहा, "संस्था का प्रमुख होने के नाते मैंने हमेशा अपने दायित्व को निभाया है। मैं किसी को इस बात की इजाजत नहीं दूंगा कि वो न्यायपालिका को बदनाम करें। किसी कीमत पर मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा, कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो। कानून अपना काम करेगा। मैं जानता हूं कि इससे कैसे निपटा जाए। मैं स्वत: संज्ञान ले रहा हूं।"

CJI ने आगे कहा, "यह सोची समझी चाल प्रतीत होती है। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कहूंगा। सीजेआई के रूप में मैं अपनी ड्यूटी निभा रहा हूं।" इस मामले पर बेंच के दूसरे सदस्य जस्टिस बागची ने कहा कि यह (चैप्टर) संविधान के बुनियादी ढांचे के खिलाफ है। CJI ने कहा, "मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा। कानून अपना काम करेगा।"

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