पाकिस्तान से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट में एक जज कई सालों तक फैसले सुनाते रहे, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी लॉ की डिग्री ही फर्जी थी। इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) ने 23 फरवरी को 116 पन्नों का बड़ा फैसला जारी किया। इस फैसले में जस्टिस तारिक महमूद जहांगीरी को उनके पद से हटा दिया गया। कोर्ट ने साफ कहा कि उनकी कानून की डिग्री शुरू से ही अमान्य थी। यानी उनकी जज के रूप में नियुक्ति भी कानूनी तौर पर गलत थी।
डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट को कराची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार से असली रिकॉर्ड मिले। जांच में पता चला कि जहांगीरी के शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी थे।
कोर्ट ने कहा कि उन्होंने 1988 में एक फर्जी नामांकन नंबर से परीक्षा दी थी। उस दौरान वह नकल करते पकड़े गए। 1989 में यूनिवर्सिटी ने उन्हें तीन साल के लिए बैन कर दिया था।
लेकिन सजा स्वीकार करने के बजाय उन्होंने कथित तौर पर धोखाधड़ी का रास्ता चुना।
अगले साल उन्होंने फिर परीक्षा दी, लेकिन इस बार “तारिक जहांगीरी” नाम से और एक ऐसे एनरोलमेंट नंबर का इस्तेमाल किया जो किसी दूसरे छात्र, इम्तियाज अहमद, को दिया गया था।
गवर्नमेंट इस्लामिया लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल ने कोर्ट को बताया कि जहांगीरी कभी भी उनके संस्थान में दाखिल ही नहीं हुए थे।
दस्तावेज दिखाने में नाकाम
कोर्ट ने कहा कि जहांगीरी को कई बार मौका दिया गया कि वह अपने असली दस्तावेज और लिखित जवाब पेश करें। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
इसके बजाय उन्होंने फुल बेंच की मांग की, चीफ जस्टिस को मामले से अलग करने की अपील की और सुनवाई टालने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि सिंध हाई कोर्ट में इससे जुड़े मामले लंबित हैं।
बेंच ने इन कोशिशों को “देरी कराने की रणनीति” बताया। कोर्ट ने कहा कि जब याचिकाकर्ता ने सबूत पेश कर दिए हैं, तो अब यह जिम्मेदारी जज की थी कि वह अपनी डिग्री असली साबित करें।
लेकिन जब वह ऐसा नहीं कर पाए, तो कोर्ट ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया।
जस्टिस तारिक महमूद जहांगीरी को दिसंबर 2020 में हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। लेकिन पिछले साल सितंबर से उन्हें न्यायिक काम करने से रोक दिया गया था।
अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उनकी नियुक्ति शुरू से ही अमान्य थी।
यह मामला पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है - आखिर एक फर्जी डिग्री वाला शख्स इतने सालों तक जज की कुर्सी पर कैसे बैठा रहा?