ट्रंप के इस ऑफर पर भड़का ईरान! 'पहले 24 अरब डॉलर दो, फिर सोचना', मोजतबा-ट्रंप मुलाकात पर लगा 'फुल स्टॉप'

Trump Khamenei Meeting: वार्ता टूटने की स्थिति में ईरान ने अमेरिका को बेहद गंभीर सैन्य अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी है। तेहरान ने धमकी दी है कि वह हिंद महासागर, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, लाल सागर और भूमध्य सागर तक संघर्ष को खींच ले जाएगा और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा, जिससे अमेरिका को भारी नुकसान होगा

अपडेटेड Jun 07, 2026 पर 11:57 AM
ट्रंप ने हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर से मिलने की इच्छा जताई थी

Trump-Khamenei Meeting: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही पर्दे के पीछे की कूटनीति को बड़ा झटका लगा है। ईरान के शीर्ष नेतृत्व ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के बीच किसी भी संभावित मुलाकात की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक दोनों देशों के बीच बातचीत का डेडलॉक खत्म नहीं होता, तब तक ऐसी कोई मुलाकात 'कभी नहीं होगी'।

दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर से मिलने की इच्छा जताई थी। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय और शीर्ष सलाहकारों ने इसे पूरी तरह नकार दिया है।

'बातचीत में गतिरोध के लिए ट्रंप जिम्मेदार'


सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार और ईरान की एक्सपीडिएंसी डिस्सर्नमेंट काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने कहा कि वर्तमान में दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की कोई गुंजाइश नहीं है।

मोहसिन रजाई ने अमेरिकी रुख पर निशाना साधते हुए कहा, 'यह मुलाकात कभी नहीं होगी। अभी हम बातचीत के पहले चरण में ही हैं और ट्रंप ने पूरी प्रक्रिया को ठप कर दिया है। इसलिए ऐसी किसी बैठक का सवाल ही नहीं उठता। बातचीत में डेडलॉक है और इसे तोड़ने की जिम्मेदारी ट्रंप की है।'

24 अरब डॉलर के फंड पर फंसा पेंच, ईरान ने रखी शर्त

ईरान ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ दोबारा भरोसा कायम करने के लिए वाशिंगटन को अपनी नीयत का सबूत देना होगा। ईरान की मुख्य मांग है कि अमेरिका द्वारा फ्रीज की गई उसकी संपत्तियों को तुरंत रिहा किया जाए।

रजाई ने कहा, 'अगर ट्रंप बातचीत को लेकर गंभीर हैं, तो 24 अरब डॉलर अमेरिका के लिए कोई बड़ी रकम नहीं है। यह पैसा ईरान का है। इसे रिलीज करना ट्रंप के लिए एक 'ट्रस्ट टेस्ट' होगा।'

ईरान ने ट्रंप को संदेश दिया है कि उन्हें इजरायल के प्रभाव से स्वतंत्र होकर फैसले लेने चाहिए, प्रतिबंध हटाने चाहिए और ईरान के अधिकारों को पहचानना चाहिए।

ईरान की खुली धमकी- 'हिंद महासागर तक फैला देंगे जंग'

वार्ता टूटने की स्थिति में ईरान ने अमेरिका को बेहद गंभीर सैन्य अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी है। मोहसिन रजाई ने कहा कि अगर युद्ध जारी रहा और ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाई गई, तो वे युद्ध का दायरा बढ़ा देंगे। ईरान ने धमकी दी है कि वह हिंद महासागर, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, लाल सागर और भूमध्य सागर तक संघर्ष को खींच ले जाएगा और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा, जिससे अमेरिका को भारी नुकसान होगा।

अराघची ने भी ट्रंप के दावे को नकारा

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'न्यूयॉक पोस्ट' से बातचीत में कहा था, 'हां, मैं ईरान के सर्वोच्च नेता से मिलना चाहूंगा और भविष्य में हमारी मुलाकात हो भी सकती है'।

इस पर तंज कसते हुए लेबनान के अल मयादीन टीवी चैनल पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, 'मैंने रिपोर्ट देखी है जिसमें ट्रंप ने मिलने की इच्छा जताई है। लेकिन मुझे लगता है कि हमें व्यावहारिक होना चाहिए और वास्तविक दुनिया में जीना चाहिए'।

सुरक्षा कारणों से सामने नहीं आ रहे नए सुप्रीम लीडर

28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद मार्च में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने ईरान की कमान संभाली है। विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि नए सुप्रीम लीडर का देश के मामलों पर पूरा नियंत्रण है। वे पद संभालने के बाद से सुरक्षा कारणों के चलते सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, क्योंकि 8 अप्रैल से लागू हुआ सीजफायर बेहद नाजुक मोड़ पर है।

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