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'सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दाखिल किया': सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा की मांग वाली PIL, याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

Pahalgam Terror Attack: जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता वकील विशाल तिवारी को सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। पीठ ने पूछा कि आपसे कौन ऐसी याचिका फाइल कराता है। आपको हम पहले भी चेतावनी दे चुके हैं। आप केवल पब्लिसिटी के लिए याचिका दायर करते हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 05, 2025 पर 3:42 PM
'सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दाखिल किया': सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा की मांग वाली PIL, याचिकाकर्ता को लगाई फटकार
Pahalgam Terror Attack: सुप्रीम कोर्ट ने पहलगाम हमले को लेकर वकील विशाल तिवारी की खिंचाई की

Pahalgam Terror Attack: सुप्रीम कोर्ट ने हाल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के सुदूर पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की सुरक्षा की मांग करने वाली एक जनहित याचिका (PIL) को सोमवार (5 मई) को खारिज कर दिया। जनहित याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता वकील विशाल तिवारी को सुप्रीम कोर्ट ने जमकर फटकार लगाई। पीठ ने पूछा कि आपसे कौन ऐसी याचिका फाइल कराता है। आपको हम पहले भी चेतावनी दे चुके हैं। आप केवल पब्लिसिटी के लिए याचिका दायर करते हैं। क्या आप चाहते हैं कि हम आप पर जुर्माना लगाएं? इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने तिवारी की याचिका खारिज कर दी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने जनहित याचिका दायर करने के लिए वकील विशाल तिवारी की खिंचाई करते हुए कहा कि इसे बिना किसी सार्वजनिक हित के केवल प्रचार पाने के लिए दाखिल किया गया है।

जस्टिस सूर्यकांत ने वकील तिवारी से कहा, "आपने इस तरह की जनहित याचिका क्यों दायर की है? आपका असली मकसद क्या है? क्या आप इस मुद्दे की संवेदनशीलता को नहीं समझते? मुझे लगता है कि इस जनहित याचिका को दायर करने के लिए आपके ऊपर भारी जुर्माना लगना चाहिए।"

याचिकाकर्ता वकील ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों को निशाना बनाया गया है। इसलिए, वह उनकी सुरक्षा के लिए निर्देश जारी करने का अनुरोध कर रहे हैं। इस पर पीठ ने अपने आदेश में कहा, "याचिकाकर्ता एक के बाद एक जनहित याचिका दायर करने में शामिल है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य सार्वजनिक हित में कोई वास्तविक रुचि के बिना प्रचार हासिल करना प्रतीत होता है।"

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