Pahalgam Terror Attack: खुफिया सूत्रों ने सोमवार(5 मई) को चेतावनी दी कि जम्मू-कश्मीर में हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों और ओवर ग्राउंड वर्करों (OGW) को छुड़ाकर भागने के लिए कई जेलों में आतंकी हमला हो सकता है। सूत्रों ने संकेत दिया कि श्रीनगर सेंट्रल जेल और जम्मू की कोट भलवाल जेल उन जेलों में शामिल हैं, जहां आतंकी हमलों का खतरा मंडरा रहा है। पहलगाम हमले के मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारतीय सेना की गाड़ी पर हुए हमले के मामले में OGW निसार और मुश्ताक से पूछताछ की है। दोनों फिलहाल, कोट भलवाल जेल में बंद हैं। खतरों के मद्देनजर रविवार को CISF के डीजी आरएस भट्टी ने श्रीनगर में सुरक्षा ग्रिड के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की।
CISF ने अक्टूबर 2023 में CRPF से जम्मू-कश्मीर की जेलों की सुरक्षा का जिम्मा संभाला था। सुरक्षा को और मजबूत करने के खतरे के मद्देनजर इस बैठक को देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के तहत अधिकारियों ने हाल ही में संदिग्धों और कई ओवर ग्राउंड वर्करों से पूछताछ की है। पहलगाम आतंकी हमले में शामिल संदिग्ध आतंकवादियों के घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया है।
सूत्रों ने न्यूज 18 को बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में एक नेपाली नागरिक समेत 26 लोग मारे गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा के दौरान श्रीनगर और उसके आसपास आतंकी हमले की योजना बनाई गई थी। हालांकि, खराब मौसम के कारण उनकी यात्रा रद्द होने के बाद आतंकवादियों ने पहलगाम में हमले की योजना बनाई।
उन्होंने कहा कि खुफिया सूत्रों ने श्रीनगर में हमले की चेतावनी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले में शामिल आतंकवादियों और उनके आकाओं का पृथ्वी के अंतिम छोर तक पीछा करने और उन्हें उनकी कल्पना से परे कड़ी से कड़ी सजा देने का संकल्प लिया है। पहलगाम हमला जम्मू-कश्मीर में नागरिकों पर पिछले कई वर्षों में हुआ सबसे घातक हमला है, जिसे लेकर पूरे देश में आक्रोश की लहर है। हमलावरों तथा उनके आकाओं के खिलाफ कठोर जवाबी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
प्रधानमंत्री की कठोर टिप्पणियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर उनकी सरकार के कड़े रुख के कारण भारत की ओर से करारी जवाबी कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। PM मोदी सरकार ने 2016 में उरी में सेना के जवानों पर आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। उसने पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले को निशाना बनाए जाने के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमला किया था।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिनमें पड़ोसी देश के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल है। पहलगाम हमले को लेकर देशभर में गुस्से के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने बिहार में एक समारोह के दौरान कहा कि भारत पहलगाम हमले में शामिल हर आतंकवादी और इसकी साजिश में शामिल रहे लोगों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें उनकी कल्पना से बड़ी सजा देगा।