सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को आवारा कुत्तों से जुड़े कोर्ट के आदेशों की आलोचना करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे बयान अवमानना के दायरे में आते हैं, हालांकि इस मामले में औपचारिक आरोप लगाने से इनकार किया गया। उनके हालिया पॉडकास्ट पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि एक पशु अधिकार कार्यकर्ता होने के बावजूद गांधी ने बिना सोच-विचार के कई तरह की टिप्पणियां कीं और भारतीय जनता पार्टी की नेता की बॉडी लैंग्वेज पर भी सवाल उठाए, जो उचित नहीं है।
