आईबी अधिकारी अंकित शर्मा के पिता की शिकायत के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई थी। इसके बाद दयालपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा 10 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने हत्या, दंगा, गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने, अपहरण, हिंसा के लिए उकसाने, लोगों के बीच दुश्मनी फैलाने, सार्वजनिक अशांति फैलाने, सबूत मिटाने, आगजनी, आपराधिक साजिश और समान इरादे जैसी कई धाराओं में मामला दर्ज किया। अदालत ने अपने फैसले में अंकित शर्मा की हत्या के लिए ताहिर हुसैन को जिम्मेदार माना। हालांकि, अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ आपराधिक साजिश (आईपीसी की धारा 120बी) का आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले, इसलिए इस आरोप से उन्हें बरी कर दिया गया।