Tarun Tejpal: यौन उत्पीड़न मामले में पत्रकार तरुण तेजपाल दोषी करार! बॉम्बे HC ने बरी होने का फैसला पलटा, 10 साल की हो सकती है सजा

Tarun Tejpal Sexual Assault Case: सीनियर पत्रकार और Tehelka मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को गुरुवार (6 अगस्त) को बलात्कार, यौन उत्पीड़न और एक महिला के खिलाफ आपराधिक बल का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया। बॉम्बे हाई कोर्ट (गोवा बेंच) ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्हें 2021 में बरी कर दिया गया था

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 12:31 PM
Tarun Tejpal Sexual Assault Case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तहलका मैगजीन के संस्थापक तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया है

Tarun Tejpal Sexual Assault Case: बॉम्बे हाई कोर्ट (गोवा बेंच) ने गुरुवार (6 अगस्त) को 2013 के गोवा यौन उत्पीड़न मामले में 'तहलका' मैगजीन के पूर्व एडिटर और संस्थापक तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था। फैसला सुनाते हुए जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर की डिवीजन बेंच ने कहा, "हमने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है।"

इसके बाद बेंच ने तेजपाल की कानूनी टीम को सजा तय करने के मामले पर कोर्ट के सामने अपनी बात रखने का निर्देश दिया। 62 वर्षीय तेजपाल को आज दोपहर 2:30 बजे सजा सुनाई जाएगी। कोर्ट में मौजूद तेजपाल ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए नरमी बरतने की अपील की है।

जस्टिस गोखले ने कहा, "अब तरुण तेजपाल की कानूनी टीम को सजा की अवधि के मुद्दे पर हमारे सामने अपनी बात रखनी है। आप कब अपनी बात रख सकते हैं?" 'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक, तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तेजपाल को बलात्कार, यौन उत्पीड़न और एक महिला के खिलाफ आपराधिक बल का इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया है।


कोर्ट ने आगे कहा, "हम आरोपी को रेप से जुड़ी धाराओं 376(2)(f) और 376(2)(k) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 354A और 354B के तहत दोषी ठहराते हैं।" हाई कोर्ट ने तेजपाल को फैसला सुनाए जाते समय मौजूद रहने का निर्देश दिया था।

हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा

यह फैसला गोवा सरकार की उस अपील पर आया है जिसमें सेशंस कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी। ट्रायल कोर्ट ने मई 2021 में तेजपाल को बेनिफिट ऑफ डाउट (संदेह का लाभ) देते हुए बरी कर दिया था। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद पिछले सप्ताह अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने यौन उत्पीड़न की शिकार महिला के व्यवहार का मूल्यांकन करते समय गंभीर गलतियां कीं। कोर्ट ने इस बात को लेकर पहले से बनी-बनाई धारणाओं के आधार पर यह मूल्यांकन किया कि यौन उत्पीड़न की शिकार महिला से किस तरह के व्यवहार की उम्मीद की जाती है।

10 साल की हो सकती है सजा

तेजपाल को कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है। कोर्ट ने उन्हें रेप से जुड़े खास मामलों में दोषी ठहराया है। इन प्रावधानों के तहत कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है। यह उम्रकैद तक हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

एक महिला पत्रकार ने तेजपाल पर 7 और 8 नवंबर, 2013 को होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 2021 में गोवा की एक सेशंस कोर्ट ने तेजपाल को बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि शिकायतकर्ता ने ऐसा कोई सामान्य व्यवहार नहीं दिखाया जो यौन उत्पीड़न की शिकार महिला आमतौर पर दिखा सकती है।

ट्रायल कोर्ट ने क्या कहा था?

सेशन कोर्ट ने कहा था कि आरोपी को महिला के भेजे गए मैसेज से यह साबित होता है कि वह न तो सदमे में थी और न ही डरी हुई थी। यह बात अभियोजन पक्ष के मामले को पूरी तरह से गलत साबित करती है। इसके बाद गोवा सरकार ने बरी किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने तर्क दिया कि जिस तरह से ट्रायल कोर्ट ने इस मामले को संभाला वह परेशान करने वाला था।

राज्य सरकार ने कहा कि निचली अदालत ने असल में यह गाइडलाइन तय कर दी कि ऐसी स्थितियों में पीड़िता को कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। इसे सरकार ने गलत निष्कर्षों का एक क्लासिक मामला बताया। गोवा सरकार की ओर से पेश हुए भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने असल में शिकायतकर्ता को ही कटघरे में खड़ा कर दिया था।

तरुण तेजपाल कौन हैं?

तरुण तेजपाल देश के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित रहे हैं। उन्होंने साल 2000 में खोजी पत्रकारिता पर केंद्रित पत्रिका तहलका (Tehelka) की स्थापना की थी। तहलका ने रक्षा सौदों और कई राजनीतिक मामलों में स्टिंग ऑपरेशन कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। तेजपाल कई किताबें भी लिख चुके हैं। नवंबर 2013 में 'तहलका' के वार्षिक THiNK कार्यक्रम के दौरान गोवा के एक होटल में महिला सहकर्मी ने तरुण तेजपाल पर यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का आरोप लगाया था।

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'जज साहब मेरी पत्नी है, प्लीज नरमी बरतें': रेप केस में दोषी ठहराए जाने पर तरुण तेजपाल की अपील

तरुण तेजपाल ने गुरुवार को बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के सामने नरमी बरतने की अपील की। ​​उन्होंने कोर्ट से कहा कि उन्हें लगता है कि वे पीड़ित हैं। तेजपाल ने सजा तय करते समय सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने का अनुरोध किया। तेजपाल ने कोर्ट से कहा, "मैं 62 साल का हूं और मेरा मानना ​​है कि मैं पीड़ित हूं। मेरी पत्नी है और इसके अलावा कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि हम अपील कर सकते हैं। प्लीज मेरे साथ नरमी बरतें। बाकी तथ्य रिकॉर्ड पर रखे गए हैं।"

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