TCS Nashik Case: 'पिछली शादी की बात छिपाई, इस्लाम धर्म अपनाने का डाला दबाव'; नासिक टीसीएस कांड में नया खुलासा

TCS Nashik Case Update: नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कंपनी में कथित यौन उत्पीड़न के मामले में एक पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपियों में से एक ने अपनी शादी की बात छिपाकर उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही, उसने काम की जगह पर उसके धर्म का अपमान किया। उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव भी डाला

अपडेटेड Apr 19, 2026 पर 11:33 AM
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TCS Nashik Case: पुलिस ने 15 अप्रैल, 2026 को नासिक में TCS के एक वरिष्ठ कर्मचारी को हिरासत में लिया

TCS Nashik Case Update: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न मामले की पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि आरोपियों में से एक ने उसका जबरन यौन उत्पीड़न किया। उसने अपनी शादी की बात छिपाई। इतना ही नहीं पीड़िता ने बताया कि उसने वर्कप्लेस पर उसके धर्म का अपमान किया। साथ ही उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। TCS की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और धर्म बदलने के दबाव के मामले सामने आने के बाद पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) ने 9 FIR दर्ज करके 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को इस संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही अधिकारियों को व्यापक जांच के निर्देश दिए। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब पुलिस ने सह-आरोपी रजा मेमन (35) और शफी शेख (36) की हिरासत अवधि बढ़ाने की अनुमति प्राप्त कर ली है। टीसीएस की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के मामले सामने आने के बाद नासिक पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।

आरोपियों में शामिल महिला कर्मचारी निदा खान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी। वहीं, एक महिला पीड़िता की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई FIR के अनुसार, उसकी मुलाकात आरोपियों में से एक से चार साल पहले हुई थी। उसने उसी कॉलेज से ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की थी। फिर बाद में दोनों दोस्त बन गए थे।


नौकरी दिलाने के नाम पर शोषण

उसने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे टीसीएस में नौकरी दिलाने में मदद करने का वादा किया था। इस बीच, महिला ने टीसीएस में नौकरी शुरू कर दी, जहां आरोपी भी काम करता था। महिला ने कहा कि अगस्त 2024 में आरोपी ने एक रिसॉर्ट में उसकी इच्छा के खिलाफ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि फरवरी 2026 में जब आरोपी की पत्नी ने उससे संपर्क किया, तब उसे पता चला कि आरोपी शादीशुदा है। इतना ही नहीं उसके दो बच्चे भी हैं।

जब शिकायतकर्ता ने उससे इस बारे में पूछा, तो आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसका उससे शादी करने का कोई इरादा नहीं था। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी, अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ अक्सर कंपनी की कैंटीन में उससे मिलता था। तीनों अक्सर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। दोनों सहयोगियों को FIR में सह-आरोपी के रूप में नामित किया गया है।

इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव

पीटीआई के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने यह दावा करते हुए उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव भी डाला कि यह (इस्लाम) एक श्रेष्ठ धर्म है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी ने अपनी आंतरिक जांच में एक निगरानी पैनल और बाहरी संस्थाओं की भागीदारी की घोषणा की है। टीसीएस ने स्पष्ट किया कि निदा खान HR मैनेजर नहीं थी।

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नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया था कि निदा खान पर आईटी फर्म के कार्यालय में धार्मिक उत्पीड़न की केवल एक शिकायत दर्ज है। क्राइम ब्रांच की एक टीम फिलहाल निदा खान का पता लगाने के लिए ठाणे जिले के मुंब्रा में तैनात है। इस बीच, मुख्यमंत्री फडणवीस ने टीसीएस मामले सहित कुछ प्रमुख जांचों की समीक्षा के लिए गृह विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा, "धर्मांतरण जैसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। सभी संभावित पहलुओं और कोणों की जांच करें, कोई भी छूटना नहीं चाहिए।"

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