ED Raid in Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम बड़ी छापेमारी कर रही है। कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के बालीगंज स्थित आवास और 'सन एंटरप्राइज (Sun Enterprise)' के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) जॉय कामदार के बेहाला स्थित घर पर ED की छापेमारी चल रही है। अब तक कुल तीन जगहों पर छापेमारी हुई है। इनमें से दो जगह शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़ी हैं और एक जगह जॉय कामदार की है।
अधिकारियों ने बताया कि ED ने रविवार को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में कोलकाता पुलिस के सीनियर अधिकारी और कारोबारी से जुड़े तीन ठिकानों पर तलाशी ली। यह मामला PMLA के तहत 'सोना पप्पू और जॉय कामदार' केस से संबंधित है। फिलहाल अभी तक दोनों के घरों से छापेमारी के दौरान बरामदगी के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है।
'सोना पप्पू सिंडिकेट' का कनेक्शन
अधिकारियों ने बताया कि यह तलाशी अभियान दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके में 'सोना पप्पू सिंडिकेट' मामले के सिलसिले में चलाया जा रहा है। बिस्वास एक समय कालीघाट पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज थे। यह थाना बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
सोना पप्पू केस में ताबड़तोड़ छापेमारी
इसके पहले ED ने सोना पप्पू केस में हावड़ा के ज्वाइंट कमिश्नर गौरव लाल और जॉय कामदार को पूछताछ के लिए समन जारी किया था। हाल ही में ED ने कोलकाता में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था। तलाशी के दौरान लगभग 1.47 करोड़ रुपये की कैश, लगभग 67.64 लाख रुपये के सोने के गहने और चांदी, साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। तलाशी के दौरान एक फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल सोना पप्पू करता था।
इसके अलावा, दक्षिण कोलकाता के फर्न रोड स्थित विश्वजीत पोद्दार के घर से एक रिवॉल्वर बरामद की गई, जिस पर 'मेड इन USA' लिखा हुआ था। विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू के अलावा अन्य आरोपियों पर दंगा करने, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र एवं आर्म्स एक्ट उल्लंघन में शामिल होने के आरोप है। कोलकाता पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे के आधार पर ED ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। अधिकारियों के मुताबिक, ये छापे 'सोना पप्पू और जॉय कामदार' मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मारे जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसों की संदिग्ध हेराफेरी की बड़ी जांच का हिस्सा है। विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू और उसके साथी पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में संलिप्त था। सिंडिकेट के माध्यम से वह अवैध रूप से भारी पैसे कमा रहा था।
सोना पप्पू कोलकाता के गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई एक हिंसा के मामले में भी पुलिस की ओर से वांछित है। वह वर्तमान में फरार है। हालांकि उसे कई बार सार्वजनिक जगहों पर देखा गया है। वह सोशल मीडिया पर 'लाइव' भी आया है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है।
इस हफ्ते की शुरुआत में ED ने मर्लिन ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में नए सिरे से तलाशी ली। 8 अप्रैल को मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और उसके प्रमोटरों सुशील मोहता और साकेत मोहता के ठिकानों पर मारे गए छापों के बाद की कार्रवाई के तौर पर कोलकाता और उत्तरी 24 परगना जिले में लगभग 4-5 ठिकानों पर तलाशी ली गई। पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने वाले चुनावों से ठीक पहले रेड की खबर आई है।