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मेक इन इंडिया का जलवा! 11 जुलाई को नौसेना में शामिल होगा INS महेंद्रगिरी और उड़ेगी चीन-पाक की नींद, जानिए क्यों खास है प्रोजेक्ट 17A

INS Mahendragiri: भारत अपनी समुद्री क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की नौसैनिक ताकत को बढ़ाने की दिशा में 11 जुलाई को स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 06, 2026 पर 2:33 PM
मेक इन इंडिया का जलवा! 11 जुलाई को नौसेना में शामिल होगा INS महेंद्रगिरी और उड़ेगी चीन-पाक की नींद, जानिए क्यों खास है प्रोजेक्ट 17A
11 जुलाई को नौसेना में शामिल होगा INS महेंद्रगिरी

INS Mahendragiri: भारत अपनी समुद्री क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की नौसैनिक ताकत को बढ़ाने की दिशा में 11 जुलाई को स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस महेंद्रगिरी को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। प्रोजेक्ट 17A के तहत नीलगिरी-क्लास का यह छठा युद्धपोत विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में नौसेना का हिस्सा बनेगा। यह कमीशनिंग भारत के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम में एक और बड़ा मील का पत्थर है। खास बात यह है कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस क्लास के पांचवें जहाज आईएनएस दूनागिरी को नौसेना में शामिल किए जाने के एक महीने से भी कम समय के भीतर सामने आई है।

क्या है आईएनएस महेंद्रगिरी?

आईएनएस महेंद्रगिरी प्रोजेक्ट 17A के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी-क्लास के स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट्स में से छठा जहाज है। इन सात जहाजों में से चार को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड से तैयार किया जा रहा है। बाकी के तीन जहाजों को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) बना रहा है। भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किए गए नीलगिरी-क्लास के ये फ्रिगेट्स, पुराने प्रोजेक्ट 17 शिवालिक-क्लास के युद्धपोतों के उन्नत और आधुनिक रिप्लेसमेंट हैं।

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