Monsoon Breaking: 25-30 जून के बीच दिल्ली-NCR में आ जाता है मानसून, इस बार कब आएगा IMD ने दी ये जानकारी, जानिए अभी कहां पहुंचा
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इन दिनों उमस और भीषण गर्मी के बीच मानसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार है। आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार थोड़ा सुस्त पड़ता नजर आ रहा है।
दिल्ली में कब बरसेंगे बादल? मौसम विभाग ने दिया बड़ा अपडेट
Delhi-NCR Monsoon Update: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को इन दिनों उमस और भीषण गर्मी के बीच मानसून की बारिश का बेसब्री से इंतजार है। आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली में दस्तक देने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार थोड़ा सुस्त पड़ता नजर आ रहा है। मानसून के आने में हो रही देरी के बीच दिल्ली के कई इलाकों में तेज हवाओं, आंधी और हल्की बारिश का दौर शुरू हो चुका है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट भी जारी किया है। आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार मानसून इस समय देश में कहां पहुंचा है, दिल्ली में यह कब तक दस्तक देगा और अगले तीन दिनों तक राजधानी के मौसम का क्या हाल रहने वाला है।
दिल्ली में कब आएगा मानसून? मौसम वैज्ञानिकों ने बताई देरी की वजह
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच सालों (2021 को छोड़कर) में मानसून आमतौर पर 25 से 30 जून के बीच दिल्ली पहुंच जाता है। साल 2020 में मानसून 25 जून को दिल्ली आया था। 2021 में यह काफी देरी से 13 जुलाई को पहुंचा। इसके बाद 2022 में 30 जून, 2023 में 25 जून, 2024 में 28 जून और पिछले साल यानी 2025 में मानसून ने 29 जून को दिल्ली में दस्तक दी थी।
इस बार मानसून की दिल्ली एंट्री में होगी देरी!
आईएमडी के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 28 जून के आसपास होती है, लेकिन इस साल इसमें देरी होगी। यह कब तक पहुंचेगा, इसकी अभी सटीक तारीख नहीं बताई जा सकती। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सामान्यतः 18-19 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यह सिस्टम अरब सागर से नमी वाली हवाओं को भारतीय मुख्य भूमि की तरफ खींचने में मदद करता है। यह सिस्टम ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली समेत) की तरफ बढ़ता है। इससे एक अनुकूल एंटी-क्लॉकवाइज साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनता है और मानसून आगे बढ़ता है।
जुलाई के पहले हफ्ते की उम्मीद
स्काईमेट वेदर के वाइस प्रेसिडेंट महेश पालावत के मुताबिक इस बार बंगाल की खाड़ी में वह जरूरी मौसमी सिस्टम नहीं बना जो बारिश वाली हवाओं को आगे धकेलता है। अब 25-26 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक अनुकूल सिस्टम बनने की उम्मीद है। इसके बाद मानसून 27 जून की सामान्य तारीख के बजाय जुलाई के पहले सप्ताह में दिल्ली पहुंच सकता है।
अभी कहां तक पहुंचा मानसून?
मौसम विभाग के लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक 25 जून दोपहर तक मानसून की उत्तरी सीमासूरत, इंदौर, मंडला, डालटनगंज, मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आगामी 3 से 4 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात के कुछ और हिस्सों, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष भागों, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
दिल्ली-एनसीआर का अगला 4 दिनों का वेदर फॉरकास्ट
दिल्ली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1°C और न्यूनतम तापमान में 1-3°C की गिरावट देखी गई है। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 39.3°C (सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक) रहा। उमस के कारण हीट इंडेक्स यानी महसूस होने वाला तापमान 45.8°C तक पहुंच गया था। न्यूनतम तापमान 22 से 25°C के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। आइए आपको दिल्ली एनसीआर का 28 जून तक वेदर फोरकास्ट बताते हैं-
25 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक, बिजली कड़कने और धूल भरी आंधी के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहेगा, जो सामान्य से 1.6°C से 3°C अधिक है।
26 जून: आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर/शाम को बिजली कड़कने और तेज आंधी के साथ हल्की बारिश का एक दौर आ सकता है। हवा की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) रहने का अनुमान है। तापमान 25°C (न्यूनतम) से 41°C (अधिकतम) के बीच रहेगा।
27 जून: मौसम का मिजाज वैसा ही रहेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर या शाम को गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। अधिकतम तापमान 41°C तक जा सकता है।
28 जून: आसमान में आंशिक रूप से बादल तो रहेंगे लेकिन बारिश की संभावना कम है। दिन के दौरान 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलेंगी, जो कभी-कभी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 39°C से 41°C और न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रहने का अनुमान है।
देश के बाकी हिस्सों का हाल: कहीं भारी बारिश तो कहीं हीट वेव
बेहद भारी बारिश का अलर्ट: अगले एक हफ्ते के दौरान पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की संभावना है। इसके साथ ही 27 से 29 जून के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तथा 28 जून को असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने का अनुमान है।
यहां चलेगी लू : जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 3-4 दिनों तक और बिहार व झारखंड में अगले 2 दिनों तक लू की स्थिति बनी रहने की आशंका जताई गई है।
बीते 24 घंटे का हाल
पिछले 24 घंटों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई। गोवा, असम, त्रिपुरा, तटीय व दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई, जबकि हिमाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।