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एक कांग्रेस तो दूसरे बीजेपी से....लोकसभा के ये दो सांसद नहीं लेते सैलरी, जानें उनके बारे में सबकुछ

भारत में लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को हर महीने वेतन और कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। फिलहाल सांसदों की बेसिक सैलरी करीब 1 लाख रुपये प्रति महीना है। इसके अलावा उन्हें क्षेत्र भत्ता, कार्यालय खर्च, यात्रा सुविधा और आवास जैसी कई सुविधाएं भी मिलती हैं

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 3:57 PM
एक कांग्रेस तो दूसरे बीजेपी से....लोकसभा के ये दो सांसद नहीं लेते सैलरी, जानें उनके बारे में सबकुछ
भारत में लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को हर महीने वेतन और कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं।

संसद में अक्सर देखा जाता है कि सांसद अपनी सैलरी और भत्ते बढ़ाने के मामले में पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट हो जाते हैं। लेकिन कुछ सांसद ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी सैलरी लेने में कोई दिलचस्पी नहीं है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, मौजूदा लोकसभा में सिर्फ दो सांसद ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सैलरी नहीं लेने का फैसला किया है—एक बीजेपी से और दूसरे कांग्रेस से हैं।

ये सांसद नहीं लेते हैं अपनी सैलरी

दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों सांसदों के चुनाव क्षेत्र एक-दूसरे से करीब 2,575 किलोमीटर दूर हैं, यानी लगभग उतनी दूरी जितनी कुरुक्षेत्र और इंफाल के बीच है। इनमें से एक सांसद तो और भी आगे बढ़ गए हैं और उन्होंने न सिर्फ सैलरी, बल्कि सांसद के तौर पर मिलने वाले दफ्तर से जुड़े सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी लेने से मना कर दिया है। इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा सचिवालय से RTI के तहत मिली जानकारी के अनुसार, अपनी सैलरी नहीं लेने वाले दो सांसद कुरुक्षेत्र से नवीन जिंदल और इनर मणिपुर से डॉ. बिमोल अकोइजाम अंगोमचा हैं। इनमें से नवीन जिंदल ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए यह भी तय किया है कि वे सांसद के तौर पर मिलने वाले सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी नहीं लेंगे।

जानें कितनी है इनकी संपत्ति

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