Jahangir Khan Arrested: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चर्चित नेता जहांगीर खान को जबरन वसूली के आरोप में सोमवार (8 जून) को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। खुद को 'पुष्पा' बताने वाले जहांगीर खान ने बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के डर की वजह से फाल्टा विधानसभा चुनाव का मैदान छोड़ दिया था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा 26 मई को वापस ले ली थी। खान के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा थाने में सात FIR दर्ज हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उनकी काफी दिनों से तलाश कर रही थी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "खान को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।" हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। खान 21 मई को फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में चौथे स्थान पर रहे थे। हालांकि, उन्होंने चुनाव से कुछ दिन पहले अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की थी। लेकिन नाम वापस लेने की अवधि समाप्त हो चुकी थी इसीलिए उनका नाम EVM में दर्ज रहा।
TMC महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी जहांगीर खान को FIR के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपों में फाल्टा में EVM पर BJP के चुनाव चिह्न पर टेप लगाकर छेड़छाड़ करने का आरोप भी शामिल है। खान के खिलाफ फाल्टा पुलिस स्टेशन में सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
इनमें रंगदारी, आपराधिक धमकी, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप शामिल हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस इस ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले खुफिया जानकारी के आधार पर उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 26 मई को जहांगीर खान को दी गई अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली थी।
'फाल्टा के पुष्पा' की कहानी
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान जहांगीर खान ने पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा को चुनौती देते हुए खुद को 'पुष्पा' बताया था। खान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को खुली चुनौती दी थी। इसके बाद BJP ने बंगाल चुनाव में बड़ी जीत हासिल की और राज्य में ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को खत्म कर दिया।
चुनाव आयोग ने चुनावी गड़बड़ी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने के व्यापक आरोपों के कारण 21 मई को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान का आदेश दिया था। BJP ने जहांगीर खान पर इस क्षेत्र में चुनावी गड़बड़ी की साजिश रचने का आरोप लगाया था।
BJP ने यह भी आरोप लगाया था कि फाल्टा में जिन बूथों पर खान चुनाव लड़ रहे थे, वहां पार्टी के पक्ष में वोट डालने वाले EVM बटन पर टेप लगा दिया गया था। या उन्हें ब्लॉक कर दिया गया था। इस अहम चुनाव के दौरान यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया था।
फाल्टा में दोबारा वोटिंग से कुछ दिन पहले जहांगीर ने अचानक चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इलाके के विकास के लिए खास पैकेज देने के वादे की वजह से उन्होंने यह फैसला लिया। बीजेपी के देवांग्शु पांडा ने 1 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से दोबारा हुए चुनाव में जीत हासिल की। जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे।