Delhi NCR Heavy Rain Alert: दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को झमाझम और प्रचंड बारिश से पूरा इलाका तरबतर हो गया। काले घने बादलों की वजह से दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को उमस भरे मौसम से राहत तो मिली लेकिन जनजीवन पर भी असर पड़ा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में तेज हवाओं के साथ और बारिश हो सकती है।
सफदरजंग और अन्य स्टेशनों में दर्ज बारिश के आंकड़े
IMD के मुताबिक दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक 32.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शहर के अन्य वेदर स्टेशनों पर भी अच्छी-खासी बारिश दर्ज की गई-
कर्तव्य पथ सहित शहर के कई हिस्सों से आई तस्वीरों और वीडियो में घना बादलों का घेरा और लगातार बारिश दिखाई दी।
दिन भर और आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि दिन भर आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। अधिकतर जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश के एक-दो दौर और कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। IMD के मुताबिक शाम या रात के समय बारिश का एक और दौर आने की संभावना है।
बुधवार को भी मध्यम बारिश का अनुमान है, जिसमें दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। आने वाले कुछ दिनों तक यह मौसम बना रहेग। हल्की बारिश, गरज के साथ छींटे और आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
तापमान में आएगी 2-3 डिग्री की गिरावट, AQI 'संतोषजनक'
बारिश के कारण दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम था। सोमवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था लेकिन IMD का अनुमान है कि बारिश की गतिविधियों के कारण अगले छह दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। बारिश के चलते दिल्ली की वायु गुणवत्ता अनुकूल बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सुबह 9 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 77 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक कैटिगरी में आता है।
क्यों हो रही है यह बारिश? मौसमी सिस्टम की वजह
बारिश का यह दौर पश्चिम बंगाल तट के पास बने एक गहरे दबाव से जुड़ा हुआ है। इस सिस्टम ने मंगलवार सुबह दिघा के पास और हलदिया के पश्चिम में पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट को पार कर लिया है। इस वेदर सिस्टम की वजह से उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां प्रभावित होंगी।