Mathura News: मथुरा के वृंदावन में मंगलवार रात एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। दरअसल यहां पर स्थित एक आवासीय संस्कृत गुरुकुलम में पानी की टंकी साफ करने उतरे चार छात्रों की संदिग्ध जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं, एक अन्य छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बता दें कि यह घटना चैतन्य विहार 2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुल में रात करीब 10 बजे हुई। मरने वाले छात्रों की पहचान 22 साल के मनु कटारे, 19 साल के विशु शर्मा, 16 साल के आर्यन पांडे और 17 साल के देवांश शर्मा के तौर पर हुई है। पांचवें छात्र, रुद्राक्ष, को बचा लिया गया और उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक, टंकी से बदबू आने के बाद छात्र उसमें उतरे थे। एक छात्र सबसे पहले अंदर गया लेकिन बाहर नहीं आया। इसके बाद उसे बचाने की कोशिश में चार अन्य छात्र भी अंदर गए, लेकिन वे भी बेहोश हो गए।
गुरुकुलम में मौजूद लोगों ने काफी मशक्कत के बाद पांचों छात्रों को टंकी से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, रुद्राक्ष को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में बेहतर निगरानी और इलाज के लिए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, रुद्राक्ष होश में है और बात भी कर पा रहा है।
SSP ने बताया कैसे हुआ पूरा हादसा
मथुरा के SSP श्लोक कुमार ने बताया कि यह घटना एक आवासीय संस्थान में हुई, जहां छात्र रहते और पढ़ते हैं। "टैंक से बदबू आ रही थी और छात्र उसे साफ करने के लिए उसमें उतरे थे।
जब पहला छात्र बाहर नहीं आया, तो चार अन्य छात्र अंदर गए। वे भी बाहर नहीं आए और बाद में उन्हें बचाया गया," उन्होंने कहा। पुलिस ने शवों को मुर्दाघर भेज दिया है और मृतकों के परिवारों से संपर्क कर रही है। घटनाक्रम का पता लगाने के लिए परिसर में लगे CCTV फुटेज की भी जाँच की जा रही है।
इस संस्थान में 200 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं और लगभग 100 छात्र अभी परिसर में ही रहते हैं। यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद गुरुकुल चलाने वाला व्यक्ति परिसर से चला गया। पुलिस ने कहा कि पीड़ितों के परिवारों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
12 फीट गहरी टंकी में उतरे थे पांच छात्र
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा, "स्कूल परिसर में पानी का एक सबमर्सिबल टैंक था जो लगभग 12 फीट गहरा था। उससे बदबू आ रही थी और गुरुकुल के पांच बच्चे उसे साफ करने के लिए टैंक में उतरे। जहरीली गैस की वजह से चार बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा पूरी तरह सुरक्षित बच गया। इस बात की विस्तृत जांच की जा रही है कि यह हादसा कैसे और क्यों हुआ और गुरुकुल कौन चला रहा था। मुख्यमंत्री ने भी इस घटना का तुरंत संज्ञान लिया है। यह बेहद दुखद घटना है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।"