भारत के नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) ने राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में तुर्किये की कंपनी सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का सिक्योरिटी क्लीयरेंस रद्द कर दिया है। यह एक ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी है। इस फैसले को सेलेबी ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी ने तर्क दिया है कि बिना किसी कारण के "अस्पष्ट" राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए उसका सिक्योरिटी क्लीयरेंस रद्द किया गया है।
तुर्किये स्थित सेलेबी की एक यूनिट सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया 9 हवाई अड्डों- मुंबई, दिल्ली, कोचीन, कन्नूर, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा (GOX), अहमदाबाद और चेन्नई में सर्विसेज देती थी। भारत-पाकिस्तान संघर्ष में तुर्किये ने पाकिस्तान को सपोर्ट किया है और ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर भारत के हाल के हमलों की आलोचना की है। भारत पर हमलों में पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर तुर्किये के ड्रोन का भी इस्तेमाल किया।
3791 नौकरियां होंगी प्रभावित
तुर्किये के इस रुख के बाद भारत में उसके खिलाफ जनाक्रोश बढ़ रहा है। तुर्किये के बहिष्कार की मांग उठ रही है। रॉयटर्स के मुताबिक, सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया ने दिल्ली हाई कोर्ट से उसका सिक्योरिटी क्लीयरेंस रद्द किए जाने के फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया है। कंपनी को बिना कोई चेतावनी दिए फैसला जारी किया गया। कंपनी ने तर्क दिया कि इससे 3,791 नौकरियां और निवेशकों का विश्वास प्रभावित होगा। इस बीच नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि सेलेबी के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरी को जारी रखने के लिए कोशिशें की जा रही हैं।
सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया ने फाइलिंग में कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में केवल बयानबाजी करना और यह स्पष्ट नहीं करना कि कोई एंटिटी किस तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, कानून के तहत टिकने वाली बात नहीं है।" मामले की सुनवाई सोमवार को हो सकती है।
मेजॉरिटी कंट्रोल नामी कंपनियों के पास
सेलेबी ने अपनी फाइलिंग में यह भी कहा कि उसके शेयरहोल्डर तुर्किये में रजिस्टर हैं, लेकिन मेजॉरिटी कंट्रोल वैश्विक तौर पर जानीमानी कंपनियों के पास है और इन कंपनियों का ओरिजिन तुर्किये में नहीं है। सेलेबी एविएशन इंडिया ने तुर्किये सरकार के साथ राजनीतिक जुड़ाव या उसके मालिकाना हक के आरोपों का खंडन किया है। कंपनी का कहना है कि उसमें 65 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, UAE और वेस्टर्न यूरोप के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के पास है।
मुंबई एयरपोर्ट ने इंडोथाई के साथ किया समझौता
इस बीच एक खबर यह भी है कि मुंबई एयरपोर्ट ने सेलेबी के कर्मचारियों और एसेट्स के टेकओवर के लिए ग्राउंड हैंडलिंग फर्म इंडोथाई के साथ एक समझौता किया है। सूत्रों ने सीएनबीसी-टीवी18 को इस बारे में बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडोथाई को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर ग्राउंड हैंडलिंग ऑपरेशंस शुरू करने के लिए ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से मंजूरी मिल गई है। इस बदलाव के तहत, मुंबई हवाई अड्डे पर लगभग 3,000 सेलेबी कर्मचारियों को इंडोथाई के पेरोल में ट्रांसफर किया जाएगा, और इंडोथाई के नाम के तहत नए एयरपोर्ट एंट्री परमिट जारी किए जाएंगे।