TVK प्रमुख और अभिनेता विजय ने जांच अधिकारियों को बताया है कि करूर में हुई जानलेवा भगदड़ के लिए न तो उनकी पार्टी और न ही पार्टी के लोग जिम्मेदार थे। सूत्रों के मुताबिक, यह जानकारी सोमवार को सामने आई। करीब छह घंटे तक चली पूछताछ के दौरान विजय ने कहा कि वह वहां से इसलिए चले गए थे, क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी मौजूदगी से भीड़ में और ज्यादा अफरा-तफरी फैल सकती है।
TVK से जुड़े लोगों से हुई पूछताछ
इंडिया डुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) से जुड़े जिन लोगों से पहले पूछताछ हुई थी, उन्होंने भी यही बात कही है। अब इन सभी बयानों का विश्लेषण किया जाएगा और उनकी तुलना पुलिस अधिकारियों के बयानों से की जाएगी। इससे पहले कुछ पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि अभिनेता की ओर से हुई देरी की वजह से भगदड़ की स्थिति बनी थी। TVK प्रमुख और अभिनेता विजय ने जांच अधिकारियों को बताया है कि करूर में हुई जानलेवा भगदड़ के लिए न तो उनकी पार्टी और न ही पार्टी के लोग जिम्मेदार थे। सूत्रों के मुताबिक, यह जानकारी सोमवार को सामने आई।
करीब छह घंटे तक चली पूछताछ के दौरान विजय ने कहा कि वह वहां से इसलिए चले गए थे, क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी मौजूदगी से भीड़ में और ज्यादा अफरा-तफरी फैल सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) से जुड़े जिन लोगों से पहले पूछताछ हुई थी, उन्होंने भी यही बात कही है। अब इन सभी बयानों का विश्लेषण किया जाएगा और उनकी तुलना पुलिस अधिकारियों के बयानों से की जाएगी। इससे पहले कुछ पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि अभिनेता की ओर से हुई देरी की वजह से भगदड़ की स्थिति बनी थी।
भगदड़ में 42 लोगों की हुई थी मौत
अभिनेता और TVK प्रमुख विजय सोमवार को करूर में 27 सितंबर 2025 को हुई भगदड़ के मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के सामने पेश हुए। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। विजय सुबह करीब 10:30 बजे एक चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। इसके बाद वे सीधे कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच CBI मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने इस महीने की शुरुआत में जारी समन का पालन किया। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, केस की जांच कर रही CBI की एंटी-करप्शन यूनिट की टीम ने विजय से पूछताछ की। इस दौरान TVK नेता आधव अर्जुन और निर्मल कुमार भी उनके साथ दिल्ली में मौजूद थे।
CBI कर रही है मामले की जांच
CBI ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अपने हाथ में ले लिया था। SIT ने जांच के दौरान सीनियर पुलिस अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव और सार्वजनिक बयानों को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जांच पर नजर रखने के लिए पूर्व जज अजय रस्तोगी की अगुवाई में तीन सदस्यों की एक निगरानी समिति बनाई। इस समिति ने साफ कहा था कि जांच बिना किसी पक्षपात के, पूरी निष्पक्षता से होनी चाहिए।