Twisha Sharma Death Case Updates: पूर्व अभिनेत्री एवं मॉडल ट्विशा शर्मा की कथित दहेज मौत के मामले में सोमवार (25 मई) को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले से सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है जिसकी निष्पक्ष और तटस्थ जांच की आवश्यकता है। शीर्ष अदालत ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि घटना की निष्पक्ष जांच हो।" कोर्ट ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश के बाद सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) तुरंत इस मामले की जांच अपने हाथ में ले लेगी।
इस मामले पर खुद संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सोमवार सुबह ही सुनवाई की, इसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली भी शामिल थे। पीठ ने सभी पक्षों को बार-बार चेतावनी दी कि वे मीडिया में इस मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश न करें।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का सामना करने से बेहतर है कि बेटी का तलाक हो जाए। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मीडिया के हस्तक्षेप के कारण ही शर्मा मामले में काफी प्रगति हुई है।
इस दौरान अदालत ने कहा कि हम मीडिया से अनुरोध करते हैं कि वह शर्मा के परिवार के बयान रिकॉर्ड न करे और उनके दर्द को महज 'साउंड बाइट' बनाकर पेश न करे। शीर्ष अदालत ने इस बात पर गौर किया कि सनसनीखेज मामले की जांच सीबीआई द्वारा कराए जाने की सिफारिश की गई है।
शीर्ष अदालत ने कहा, "कुछ कार्रवाइयों से हम व्यथित हैं, चीजों को कानून और प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ने दें।" इस दौरान आरोपी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि पूर्व जज (मामले में सह-आरोपी एवं पति समर्थ सिंह की मां पूर्व जज गिरिबाला सिंह) जांच के संबंध में मीडिया में कोई बयान नहीं देंगी।
आरोपियों द्वारा मीडिया में बयान देने पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से ट्विशा शर्मा की मौत के मामले से संबंधित घटनाक्रम की रिपोर्टिंग करते समय संयम बरतने का आग्रह किया। शीर्ष अदालत ने मॉडल से एक्ट्रेस बनीं ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराने के लिए तुरंत आदेश देने को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की सराहना की।
सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल के इस आश्वासन को दर्ज किया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के संबंध में जल्द फैसला किया जाएगा। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने संभावित गवाहों और आरोपियों द्वारा मीडिया में बयान देने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर मामले का निपटारा करते हुए कहा कि पक्षकार उचित मंच के समक्ष कानूनी उपाय तलाशने के लिए स्वतंत्र हैं।
गिरिबाला और समर्थ से पूछताछ
इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने अग्रिम जमानत पर चल रही रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके गिरफ्तार बेटे समर्थ सिंह से विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच ऐसे समय में शुरू की है जब मध्यप्रदेश सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। शर्मा की मौत का यह प्रकरण पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में है।
मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा 12 मई की रात अपने ससुराल में फांसी पर लटकी पाई गई थीं। उसके परिवार ने उसके पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। जबकि आरोपियों ने इससे इनकार किया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई से कहा कि जांचकर्ता आरोपियों से अलग से पूछताछ कर रहे हैं। दोनों के बयानों का मिलान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुलिस हिरासत में समर्थ सिंह ने जांचकर्ताओं को बताया है कि ट्विशा के गर्भवती होने के बाद उनके संबंधों में खटास आ गई थी।
पुलिस ने शनिवार को समर्थ सिंह की सात दिन की रिमांड हासिल की थी। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद रविवार को एम्स-दिल्ली के डॉक्टरों की एक टीम ने भोपाल में ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया। इसके कुछ ही देर बाद राजधानी भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर ट्विशा का अंतिम संस्कार किया गया।