केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। हालांकि, उनके इस्तीफे की आधिकारिक वजह अभी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उनकी राज्य की राजनीति में सक्रिय वापसी की अटकलों के बीच यह फैसला लिया गया है। रवनीत सिंह का राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल जून में ही समाप्त हो गया था। वह केंद्र सरकार में रेल मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। बेअंत सिंह की वर्ष 1995 में हत्या कर दी गई थी। बिट्टू तीन बार कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं। वह पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से चुने गए थे। इसके बाद 2014 और 2019 में उन्होंने लुधियाना से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। भाजपा के टिकट पर उन्होंने लुधियाना से चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से हार गए।
रवनीत सिंह बिट्टू पहले भी भरोसा जता चुके हैं कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा था कि पार्टी का लक्ष्य पंजाब में डबल इंजन सरकार बनाना और राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाना है। उनके मुताबिक, भाजपा का पूरा नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र और हर कार्यकर्ता तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।