डॉक्टर मैडम फोन पर कर रही थीं गाइड, स्टाफ ने की डिलीवरी, लापरवाही ने ली मां और नवजात की जान!

Ayodhya: पीड़ित परिवार का कहना है कि पिछले साल ही उनकी शादी हुई थी और वे अपने पहले बच्चे का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अस्पताल की लापरवाही ने उनकी सारी खुशियां छीन लीं। अब परिवार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है

अपडेटेड Apr 02, 2026 पर 9:09 PM
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UP News: डॉक्टर मैडम फोन पर दे रही थीं निर्देश, स्टाफ ने की डिलीवरी, लापरवाही ने ली मां और नवजात की जान (FILE PHOTO)

उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में एक प्राइवेट अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां 32 साल की महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि डिलीवरी किसी ट्रेंड डॉक्टर ने नहीं, बल्कि अनट्रेंड स्टाफ ने की और डॉक्टर मैडम सिर्फ फोन पर निर्देश देती रही।

मृतका के पति सुरेश यादव के अनुसार, उनकी पत्नी सोनी यादव को लेबर पेन होने पर मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआत में डॉक्टर ने कहा कि सब कुछ सामान्य है, लेकिन जब डिलीवरी का समय आया तो डॉक्टर मौके पर मौजूद ही नहीं थीं।

डॉक्टर फोन पर गाइड करती रहीं!


परिवार का आरोप है कि अस्पताल के एक स्टाफ ने ही डिलीवरी करवाई और डॉक्टर फोन पर उसे गाइड करती रहीं। करीब आधे घंटे बाद स्टाफ ने बच्चा यह कहकर दे दिया कि वह सांस नहीं ले रहा है। जब बच्चे को दूसरे डॉक्टर के पास ले जाया गया, तो उसे मृत घोषित कर दिया गया।

इसके बाद जब परिवार वापस अस्पताल पहुंचा, तो बताया गया कि महिला की हालत भी बिगड़ गई है। उसे दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।

इस घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डिलीवरी के समय वहां कोई योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था।

स्वास्थ्य विभाग ने सील किया अस्पताल

मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में जांच की। जांच के दौरान न तो कोई डॉक्टर मिला और न ही प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ। हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल का कामकाज एक मैनेजर महेश सिंह के भरोसे चल रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में भर्ती तीन और महिलाओं का ऑपरेशन (सी-सेक्शन) हुआ था, लेकिन उनकी देखभाल भी किसी डॉक्टर के बजाय मैनेजर के जिम्मे थी।

इसके अलावा अस्पताल के रिकॉर्ड अधूरे पाए गए, डॉक्टर की डिग्री नहीं दिखाई गई और मेडिकल कचरे के निपटान में भी भारी लापरवाही मिली।

डॉक्टर अब भी फरार

स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया और वहां भर्ती मरीजों को जिला महिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और अगर लापरवाही साबित होती है, तो FIR दर्ज की जाएगी।

डॉक्टर फिलहाल फरार बताई जा रही है।

पीड़ित परिवार का कहना है कि पिछले साल ही उनकी शादी हुई थी और वे अपने पहले बच्चे का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अस्पताल की लापरवाही ने उनकी सारी खुशियां छीन लीं। अब परिवार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

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