ISIS मॉड्यूल चलाने के आरोप में यूपी का छात्र गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था युवा

UP student arrested: उत्तर प्रदेश पुलिस ने कथित तौर पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के विचारधारा को बढ़ावा देने और भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए सदस्यों की भर्ती करने के आरोप में हारिस अली नाम के एक व्यक्ति को सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। उसने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं

अपडेटेड Mar 17, 2026 पर 7:58 AM
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UP student arrested: छात्र को संदिग्ध गतिविधियों के संबंध मेंमुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया है

UP student arrested: उत्तर प्रदेश के एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़े होने के आरोप में 19 साल के एक छात्र को गिरफ्तार किया है। ATS के एक बयान के अनुसार, मुरादाबाद से गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान सहारनपुर जिले के मानक मऊ इलाके के रहने वाले हारिस अली के रूप में हुई है। एक बयान में कहा गया है कि यह गिरफ्तारी भारत में सक्रिय आईएसआईएस से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क की गतिविधियों की जांच के दौरान की गई।

अधिकारियों ने बताया कि हारिस अली बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है। उस पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम, सेशन (Session) और डिस्कॉर्ड (Discord) जैसे एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन के जरिए आईएसआईएस के कार्यकर्ताओं और हमदर्दों से जुड़ा था। अधिकारियों ने बताया कि एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में कुछ लोग ऑनलाइन ग्रुप बना रहे थे।

क्या था युवा का मकसद?


उन्होंने दावा किया कि इन ग्रुप का मकसद आईएसआईएस की आतंकवादी विचारधारा और भारत समेत पूरी दुनिया में शरिया-आधारित खिलाफत व्यवस्था स्थापित करने के उसके लक्ष्य का प्रचार करना था। साथ ही भारत में इस आतंकी संगठन को मजबूत करने के लिए लोगों की भर्ती करना था। छात्र को पिछले कुछ महीनों में संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में ATS द्वारा प्राप्त इनपुट पर कार्रवाई करते हुए मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया।

शरिया कानून लागू करने की नापाक कोशिश

हारिस ने कथित तौर पर पाकिस्तान और अन्य देशों में आईएसआईएस संचालकों और गुर्गों के साथ संपर्क किया था। अधिकारियों ने कहा कि हरीश ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने और शरिया कानून के तहत खिलाफत लागू करने की कोशिश की। उसने अनुयायियों को फिदायीन शैली के हमले करने और जिहादी विचारधारा फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया।

अधिकारियों ने बताया कि इन ग्रुप का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रचार सामग्री, चरमपंथी साहित्य और आईएसआईएस की गतिविधियों से जुड़े निर्देश साझा करने के लिए किया जाता था। बयान के अनुसार लखनऊ में एटीएस थाने में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया।

बयान के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने कथित तौर पर छद्म नामों और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करके कई ग्रुप बनाए थे। इनका मकसद समान विचारधारा वाले लोगों की भर्ती करना और आईएसआईएस का प्रचार-प्रसार करना था।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी 'अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन' नाम से एक अलग ग्रुप भी संचालित करता था। वह भारत तथा विदेश में आईएसआईएस नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ संपर्क बनाए रखता था। उन्होंने बताया कि आरोपी को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए अदालत में पेश किया गया है।

पंजाब पुलिस ने आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया

एक अलग घटना में पंजाब पुलिस ने शनिवार को आईएसआई समर्थित आतंक और हथियार तस्करी मॉड्यूल के सिलसिले में गुरसेवक सिंह उर्फ सूरज और अमरजीत सिंह उर्फ रोहित को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने संदिग्धों के पास से एक AK-47 राइफल, तीन 9एमएम ग्लॉक पिस्तौल, दो मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस बरामद किए।

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डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से विदेशी स्थित हैंडलर्स के साथ संवाद कर रहे थे। मॉड्यूल कट्टरपंथ के प्रयासों और भारत और पुलिस के खिलाफ कहानियां फैलाने में भी शामिल था। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सुहैल कासिम मीर ने कहा कि हथियार की खेप विदेशी संचालकों द्वारा पाकिस्तान मार्ग से भेजी गई थी।

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