UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज विधानसभा में अपना 10वां बजट पेश करने जा रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, जिसे लेकर सियासी गलियारों में काफी हलचल है। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पारंपरिक रूप से पूजा-अर्चना की और अब 11 बजे वह सदन में राज्य का लेखा-जोखा रखेंगे। माना जा रहा है कि इस बार बजट का आकार 9.5 लाख करोड़ रुपये के करीब हो सकता है, जो राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा।
अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने का है लक्ष्य
योगी सरकार का यह बजट महज आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे 25 करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का बजट बताया है। इसमें सुशासन, विकास और जनकल्याण पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं ताकि युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिल सके।
किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए बड़ी सौगातें
CM ने बताया कि बजट में कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सबसे ऊपर रखा गया है। ये भी उम्मीद है कि सरकार वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद में अच्छी-खासी बढ़ोतरी कर सकती है। इसके साथ ही राज्य के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का ऐलान कर सरकार एक बड़े वर्ग को साधने की कोशिश करेगी। युवाओं के लिए स्टार्टअप और औद्योगिक निवेश से जुड़ी कई नई योजनाओं के लिए भी खजाना खोला जा सकता है।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास पर खास जोर
क्षेत्रीय असमानता को खत्म करने के लिए सरकार पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे इलाकों के लिए विशेष बजट का प्रावधान कर सकती है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लखनऊ मेट्रो के विस्तार और चित्रकूट लिंक परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने की तैयारी है। कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों को राहत देने वाले कई अन्य फैसलों पर भी अंतिम मुहर लगने की संभावना है।
चुनावी साल से पहले सर्वसमावेशी विकास का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को सर्वसमावेशी बताया है। 2027 के चुनावों को देखते हुए यह बजट योगी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने और भविष्य का खाका खींचने का एक बड़ा जरिया बनेगा। अब देखना यह होगा कि 11 बजे जब वित्त मंत्री अपना पिटारा खोलेंगे, तो उत्तर प्रदेश की जनता की झोली में क्या-क्या आता है।