लखनऊ में गाय की संदिग्ध हत्या के मामले की जांच एक आपराधिक साजिश की जांच में तब्दील हो गई है, जिसमें पुलिस का आरोप है कि वैवाहिक विवाद के बीच मनगढ़ंत सबूतों का इस्तेमाल करके एक शख्स को जानबूझकर दो बार फंसाया गया था। हाई कोर्ट परिसर के अंदर से आरोपी महिला को हिरासत में लेने की कथित कोशिश करने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
इस मामले की शुरुआत 14 जनवरी को हुई थी, जब काकोरी पुलिस ने एक सूचना के आधार पर शहर के बाहरी इलाके में एक ऑनलाइन पोर्टर गाड़ी को रोका और लगभग 12 किलोग्राम संदिग्ध गोमांस बरामद किया।
यह डिलीवरी अमीनबाद के एक कारोबारी वसीफ के नाम पर बुक की गई थी, जिसने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया, जिसके कारण गहन तकनीकी और जमीनी स्तर की जांच शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बाद में किए गए वेरिफिकेशन से बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया को लेकर शक हुआ, जिसके चलते जांचकर्ताओं को यह संदेह हुआ कि खेप को जानबूझकर कारोबारी को फंसाने के लिए तैयार किया गया था।
एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में एक कथित साजिश का पता चला है, जो पति-पत्नी के विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। इस मामले में व्यक्ति की पत्नी अमीना और मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी उसके साथी अमान की अहम भूमिका होने का शक है।
जांच अधिकारियों ने सितंबर पिछले साल की एक पुरानी घटना को भी दोबारा देखा। उस समय हजरतगंज में वासिफ की खड़ी गाड़ी से कथित गोमांस बरामद होने पर उसे गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, थोड़ी देर बाद उसे छोड़ दिया गया था। अब पुलिस का मानना है कि यह घटना भी उसे फंसाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती है।
पुलिस ने अमान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अमीना अभी फरार है। अधिकारियों ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई भी चल रही है।
इस मामले में तब नया मोड़ आया, जब एक शिकायत दर्ज कराई गई कि इस हफ्ते की शुरुआत में लखनऊ हाई कोर्ट परिसर के अंदर से महिला को हिरासत में लेने की कोशिश की गई।
नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाने वाले वकील की शिकायत पर गोमती नगर के विभूति खंड थाने में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329(3) (आपराधिक अतिक्रमण), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग कराने के इरादे से उकसाना) लगाई गई हैं।
लखनऊ पश्चिम के पुलिस उपायुक्त विशालजीत श्रीवास्तव ने पीटीआई को बताया कि इस घटना के संबंध में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उन्हें रिजर्व पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
उन्होंने कहा कि कथित साजिश और निलंबित पुलिसकर्मियों की भूमिका, दोनों की जांच जारी है, और मामले में नामजद महिला की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।