EAM Jaishankar: 'अमेरिका वन-ऑन-वन' डील करके वैश्विक संबंधों की बदल रहा शर्तें, विदेश मंत्री जयशंकर ने आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

EAM Jaishankar On USA: विदेश मंत्री की यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तीन महीने पहले भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद आई है। वैसे फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है

अपडेटेड Nov 30, 2025 पर 9:07 PM
Story continues below Advertisement
उन्होंने कहा कि 'भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है और उद्योगों के लिए खुद को एक मैन्युफैक्चरिंग केंद्र भी बना रहा है'

EAM Jaishankar: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका को लेकर आज एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका अब देशों के साथ 'वन-ऑन-वन' आधार पर संबंध बनाकर वैश्विक जुड़ाव की शर्तों को मौलिक रूप से बदल रहा है। जयशंकर ने यह बात इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM), कोलकाता से डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्राप्त करने के बाद कही। उन्होंने यह भी कहा कि 'भारत तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है और उद्योगों के लिए खुद को एक मैन्युफैक्चरिंग केंद्र भी बना रहा है।'

अमेरिका की नई रणनीति पर टिप्पणी

विदेश मंत्री की यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तीन महीने पहले भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद आई है। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की 'वन-ऑन-वन' नीति ने बहुपक्षीय वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दी है, और इससे कई देशों के लिए संबंधों की शर्तें बदल गई हैं। बता दें कि फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। अब दोनों देशों के बीच कब तक डील हो पाती है ये तो देखने वाली बात होगी।


सप्लाई चेन और भारत की नई सोच

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक उत्पादन का एक-तिहाई हिस्सा चीन में होता है, जिसने आपूर्ति श्रृंखलाओं की 'लोच और विश्वसनीयता' पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, 'हम अब आगे बढ़ रहे हैं, किसी भी मानक से' यह बनाए रखते हुए कि दुनिया भारत द्वारा की जा रही प्रगति पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि 'इन्हीं विचारों को ध्यान में रखते हुए, हम आज नए व्यापार समझौते बनाने और नई कनेक्टिविटी पहलों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।'

कूटनीति और 'मेक इन इंडिया' का बताया महत्व

जयशंकर ने जोर दिया कि व्यापक राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाने के मामले में कूटनीति में भारत की भूमिका 'निष्क्रिय के बजाय सक्रिय' है। उन्होंने कहा कि 'औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना और उसे प्रोत्साहन देना एक प्रमुख आर्थिक प्राथमिकता है,' यह बताते हुए कि पिछले दशक में 'मेक इन इंडिया' पर जोर देना एक 'अलग मानसिकता और बड़ी महत्वाकांक्षा' को दिखाता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।