इजरायल-अमेरिका की ईरान से लड़ाई का असर इंडिया में क्रूड ऑयल की सप्लाई पर पड़ने का डर है। इस लड़ाई का असर होर्मुज की खाड़ी के रास्ते होने वाली सप्लाई पर पड़ेगा। इस रास्ते से भारत को काफी ज्यादा क्रूड की सप्लाई होती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि होर्मुज की खाड़ी अगर बंद होती है तो भारत को हर महीने 50 फीसदी तेल की सप्लाई खतरे में पड़ सकती है।
इस रास्ते रोजाना 26 लाख बैरल का आयात
Kpler में लीड रिसर्च एनालिस्ट सुमित रितोलिया ने कहा, "होर्मुज की खाड़ी में बाधा आती है तो इंडिया और ग्लोबल ऑयल मार्केट्स पर इसका तुरंत असर पड़ेगा। भारत को रोजाना करीब 26 लाख बैरल क्रूड की सप्लाई इस रास्ते से होती है। यह तेल मुख्य रूप से ईराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से आता है।"
भारत वैकल्पिक पाइपलाइन का करेगा इस्तेमाल
जानकारों का कहना है कि होर्मुज की खाड़ी बंद होने पर इंडिया ऑयल की सप्लाई के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करेगा। इसमें सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और यूएई की अबुधाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन शामिल हैं। लेकिन, रितोलिया का कहना है कि इन पाइपलाइन के इस्तेमाल से ट्रांजिट रिस्क कम हो जाएगा, लेकिन उनकी कपैसिटी सीमित है। इसलिए ये पूरी तरह से होर्मुज की खाड़ी का विकल्प नहीं बन सकते। उन्होंने कहा, "इन पाइपलाइन का इस्तेमाल प्रोड्यूस के ऐलोकेशन के पैसले और कमर्शियल नेगोशिएशंस पर पड़ेगा।"
28 फरवरी को अमेरिका-ईरान में लड़ाई शुरू
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों ने कहा है कि उनका प्लान ईरान पर कई दिनों तक लगातार हमले का है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें कहा गया है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो महीनों में होर्मुज खाड़ी के रास्ते बढ़ी है सप्लाई
बीते दो महीने में भारत ने होर्मुज की खाड़ी के रास्ते सप्लाई वाले क्रूड की खरीद बढ़ाई है। फरवरी के आखिर में यह रोजाना 26 लाख बैरल तक पहुंच गई थी। पिछले साल यह 20 लाख बैरल था। इसकी वजह यह है कि भारत ने रूस से तेल का आयात घटाया है। उसने फिर से मध्यपूर्व के देशों से ज्यादा तेल खरीदना शुरू कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर तेल की सप्लाई में दिक्कत आती है तो भारत फिर से रूस से तेल खरीदना शुरू कर सकता है।
भारत इन देशों से बढ़ा सकता है आयात
अमेरिका ने पिछले साल रूस की बड़ी तेल उत्पादक कंपनी Rosneft और Lukoil पर प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान करते वक्त कहा था कि भारत रूस से तेल की खरीद बंद करने को तैयार हो गया है। भारत रूस से दोबारा तेल खरीदने के साथ ही अमेरिका, नाइजीरिया, अंगोला, लैटिन अमेरिका जैसे देशों से क्रूड का इंपोर्ट बढ़ा सकता है।