अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब खुली जंग का रूप लेता नजर आ रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। इन हमलों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। वहीं अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के भी कई शहरों में प्रदर्शन देखने को मिले। रविवार को श्रीनगर से लेकर लखनऊ तक शिया समुदाय के पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतर आए। हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लिए प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं इस पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का बयान भी सामने आया है।
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "ईरान के एक सम्मानित नेता, अयातुल्ला खामेनेई की हत्या कर दी गई, ईरानी निश्चित रूप से बदला लेंगे... जब जिनेवा में शांति वार्ता चल रही थी, तब हमला किया गया। यह एक कायरतापूर्ण और अमानवीय हमला है... अगर यह युद्ध जारी रहा, तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी और एक डॉलर के अंतर का भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। "
वहीं सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान का कहना है कि वह इस कार्रवाई का जवाब जरूर देगा और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने उसके निशाने पर हो सकते हैं। वहीं अमेरिका और इज़राइल ने साफ कर दिया है कि अगर उन पर कोई हमला हुआ तो उसका जवाब और ज्यादा सख्ती से दिया जाएगा। इस टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा पैदा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही कूटनीतिक बातचीत शुरू नहीं हुई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका या इजरायल पर किसी तरह का हमला किया गया, तो ईरान को ऐसी ताकत का सामना करना पड़ेगा, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।