US-Israel Attack Iran: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध के कारण पूरी दुनिया की हवाई यातायात चरमरा गई है। इस संकट के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा और मानवीय फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने उन सभी विदेशी नागरिकों की मदद करने की पेशकश की है जो वर्तमान में भारत में हैं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अपने देश वापस नहीं जा पा रहे हैं।
युद्ध की इस स्थिति के बीच भारत न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, बल्कि अपनी धरती पर मौजूद मेहमानों की परेशानियों को कम करने के लिए भी कदम उठा रहा है। विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि युद्ध की मार झेल रहे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को किसी भी तरह की कानूनी या रहने की समस्या का सामना न करना पड़े।
वीजा और रुकने की अवधि के लिए विशेष सुविधा
भारत सरकार ने उन विदेशी पर्यटकों और नागरिकों के लिए नियमों में ढील दी है जिनकी यात्रा योजनाएं खाड़ी देशों में उड़ानें रद्द होने की वजह से बिगड़ गई हैं। जिन लोगों का वीजा खत्म हो रहा है, वे आसानी से उसे बढ़वा सकते हैं। अगर किसी का प्रवास अनपेक्षित रूप से बढ़ गया है, तो उसे कानूनी रूप से नियमित करने में मदद दी जाएगी। सरकार ने ऐसे सभी लोगों को निर्देश दिया है कि वे अपने नजदीकी FRRO (Foreigners Regional Registration Office) कार्यालय से तुरंत संपर्क करें।
क्यों ठप हुई हवाई सेवाएं?
शनिवार को ईरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद रविवार को जवाबी कार्रवाई ने स्थिति को बेकाबू कर दिया है। दुनिया के सबसे व्यस्त दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) पर एक ईरानी ड्रोन गिरने से टर्मिनल की इमारत को नुकसान पहुंचा है और 4 लोग घायल हुए हैं। इसके बाद वहां की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। 'खलीज टाइम्स' के अनुसार, पूरे खाड़ी क्षेत्र और मिडल-ईस्ट में आज 700 से अधिक विमानों का संचालन रोक दिया गया है। सुरक्षा कारणों से यूएई, कतर और ओमान जैसे देशों ने अपना हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद कर दिया है।