अमेरिका ने पहले PoK को दिखाया भारत का हिस्सा, फिर चुपचाप लिया यू-टर्न; क्या है US की 'मैप पॉलिटिक्स'?

USTR's Removes India'a Map: अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर भारत का एक ऐसा नक्शा जारी किया था, जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर और अक्साई चिन को स्पष्ट रूप से भारतीय क्षेत्र का हिस्सा दिखाया गया था। लेकिन बिना किसी स्पष्टीकरण के अमेरिका ने इस नक्शे को अपने आधिकारिक हैंडल से हटा लिया है

अपडेटेड Feb 11, 2026 पर 9:54 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
जब यह नक्शा पहली बार सामने आया, तो इसे भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा था

US Removes India Map: भारत और अमेरिका के बीच गहराते रिश्तों के बीच एक ट्वीट ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। दरअसल अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर भारत का एक ऐसा नक्शा जारी किया था, जिसमें PoK (पाक अधिकृत कश्मीर) और अक्साई चिन को स्पष्ट रूप से भारतीय क्षेत्र का हिस्सा दिखाया गया था। लेकिन अब, बिना किसी स्पष्टीकरण के अमेरिका ने इस नक्शे को अपने आधिकारिक हैंडल से हटा लिया है। इस कदम को एक बड़े 'यू-टर्न' के रूप में देखा जा रहा है, जिसने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है कि क्या वॉशिंगटन दक्षिण एशिया के विवादित क्षेत्रों पर अपनी दशकों पुरानी नीति बदल रहा है।

गलती थी या सोची-समझी चाल?

जब यह नक्शा पहली बार सामने आया, तो इसे भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा था। पारंपरिक रूप से, अमेरिका अपने नक्शों में PoK को एक अलग सीमा रेखा के साथ दिखाता रहा है ताकि पाकिस्तान के दावों को भी जगह दी जा सके। लेकिन USTR के नक्शे में कोई भी विवादित लाइन नहीं थी, जिसका मतलब था कि अमेरिका पूरे जम्मू-कश्मीर और चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन को भारत का अभिन्न अंग मान रहा है। जानकारों के बीच बहस छिड़ गई थी कि क्या यह व्यापारिक रिश्तों में सुधार के बीच चीन और पाकिस्तान को दिया गया कोई कड़ा संदेश था या महज एक 'मानवीय भूल'।


US India MAP यही मैप USTR ने अपलोड किया था जिसे बाद में हटा लिया गया

ट्रेड डील की मिठास के बीच कड़वाहट!

दिलचस्प बात यह है कि यह नक्शा उस समय आया जब भारत और अमेरिका ने एक बड़े अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है, जो किसी भी एशियाई देश के लिए सबसे कम है। भारतीय निर्यातों पर लगा 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी वापस ले लिया गया है। इन ऐतिहासिक समझौतों के बीच नक्शे का आना रिश्तों में नई मजबूती का संकेत था, लेकिन अब इसे हटाए जाने से यह साफ हो गया है कि अमेरिका फिलहाल क्षेत्रीय विवादों पर अपने पुराने 'न्यूट्रल' स्टैंड को बदलने के मूड में नहीं है।

भारत ने PoK और अक्साई चिन को हमेशा बताया है अटूट हिस्सा 

भारत हमेशा से कहता रहा है कि 'संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और अक्साई चिन भारत का अटूट हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।' विदेश मंत्रालय अक्सर विदेशी सरकारों और एजेंसियों द्वारा जारी किए गए गलत नक्शों पर कड़ा ऐतराज जताता रहा है। अमेरिकी सरकार ने इस नक्शे को हटाने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग और इस्लामाबाद के संभावित दबाव या कूटनीतिक जटिलताओं से बचने के लिए वॉशिंगटन ने यह 'साइलेंट यू-टर्न' लिया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।