Work From Home: ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'एक्शन मोड' में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ईंधन बचाने के लिए कई क्रांतिकारी निर्देश जारी किए हैं। अब यूपी में सरकारी और निजी क्षेत्रों में कामकाज के तरीके पूरी तरह बदलने वाले हैं।
प्राइवेट सेक्टर के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' एडवाइजरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में Work From Home (WFH) कल्चर को फिर से बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और बड़े संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से काम करने की सुविधा दें। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, ईंधन की बचत होगी और कर्मचारियों को लंबी यात्रा से राहत मिलेगी। सरकार जल्द ही इसके लिए विस्तृत अडवाइजरी जारी करेगी।
सरकारी दफ्तरों में 'वर्चुअल' मोड पर जोर
केवल निजी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं:
50% वर्चुअल मीटिंग्स: सचिवालय और सरकारी निदेशालयों में होने वाली कम से कम 50% बैठकें अब ऑनलाइन या वर्चुअल मोड में होंगी।
ऑनलाइन इवेंट्स: सेमिनार, वर्कशॉप और अन्य कार्यक्रमों को भी ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रियों और VIPs के काफिले पर कैंची
ईंधन बचाने की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री ने अपने से की है। उन्होंने वीआईपी कल्चर और आधिकारिक फ्लीट यानी काफिले को लेकर सख्त आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने खुद की, अन्य मंत्रियों और वीआईपी की आधिकारिक वाहन फ्लीट में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सीएम ने सांसदों और विधायकों से अपील की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
'नो व्हीकल डे' और कार पूलिंग को बढ़ावा
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने जनता से भी सहयोग मांगा है। प्रदेश में जागरूकता फैलाने के लिए सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाने का सुझाव दिया गया है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), साइकिलिंग और कार पूलिंग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार विशेष प्रयास करेगी।
ईरान युद्ध की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे भारत में भी ऊर्जा संकट गहराने का खतरा है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से सोना न खरीदने और ईंधन बचाने जैसी अपील की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी सरकार ने ये सख्त कदम उठाए हैं ताकि भविष्य में बिजली और ईंधन की किल्लत न हो।