Vaishno Devi Medical College: श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता क्यों रद्द हुई? मुसलमानों के एडमिशन को लेकर हुआ था विवाद
Vaishno Devi Medical College: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने जम्मू और कश्मीर के रियासी में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को दी गई परमिशन का लेटर वापस ले लिया है। बताया जा रहा है मेडिकल कॉलेज मिनिमम स्टैंडर्ड्स का पालन करने में फेल रहा
Vaishno Devi Medical College: श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS मान्यता को रद्द कर दिया गया है
VaishnoDeviMedical College Row:नेशनल मेडिकल कमीशन ने मंगलवार (6 जनवरी) देर रात जम्मू-कश्मीर के रियासी में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकलएक्सीलेंस (SMVDIME) की मान्यता रद्द कर दी। NMC ने कॉलेजको 2025-26 सेशन के लिए MBBS कोर्स चलाने की दी गई अनुमति (LoP) वापस ले ली है। कॉलेज की MBBS मान्यता को रद्द करने के बाद एक बयान में कहा गया है कि यह फैसला इंफ्रास्ट्रक्चर में गंभीर कमियों के आधार पर लिया गया है।
मेडिकलएजुकेशनरेगुलेटर के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लिनिकलमटीरियल की कमी और फैकल्टी एवं रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी की कई शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। बोर्ड ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि एकेडमिकईयर 2025-26 के लिए काउंसलिंगप्रोसेस के दौरान कॉलेज में एडमिशन लेने वाले सभी स्टूडेंट्स को यूनियन टेरिटरीएडमिनिस्ट्रेशन के कॉम्पिटेंट अथॉरिटी द्वारा जम्मू-कश्मीर के दूसरे मेडिकलइंस्टीट्यूशंस में सुपरन्यूमेरीसीटों पर एडजस्ट किया जाएगा।
इसका मतलब है कि एडमिशन ले चुके किसी भी स्टूडेंट की MBBS सीट परमिशन वापस लेने की वजह से नहीं जाएगी। इसके बजाय, उन्हें रेगुलर मंजूर सीटों के अलावा जम्मू और कश्मीर के दूसरे मान्यता प्राप्त मेडिकलकॉलेजों में एडजस्ट किया जाएगा। आदेश के अनुसार, यह नॉन-कंप्लायंस एक सरप्राइजइंस्पेक्शन के दौरान सामने आया। NMC का यह फैसला तुरंत लागू हो गया है।
मुस्लिम छात्रों को लेकर हुआ था विवाद
माता वैष्णो देवी मेडिकलकॉलेज में एडमिशन पाने वाले मेडिकल छात्रों के पहले बैच में ज्यादातर मुस्लिम छात्र थे। कॉलेज को 50 MBBS सीटें अलॉट की गई थीं। लेकिन सिर्फ आठ हिंदू छात्रों ने एडमिशन लिया था। अधिकारियों के अनुसार, NEET क्वालिफाई करने के बाद किसी भी अतिरिक्त हिंदू उम्मीदवार ने इस कॉलेज को नहीं चुना।
इसके बाद 2025-26 एकेडमिकईयर के लिए MBBS कोर्स के लिए नए बने संस्थान द्वारा काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाकी 42 सीटें मुस्लिम छात्रों से भर दी गई। इन एडमिशन से जम्मू में भारी हंगामा हुआ। कई हिंदू समूहों ने आंदोलन की धमकी दी। इसके बाद बीजेपी तुरंत विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गई। भगवा पार्टी ने एडमिशन प्रक्रिया रद्द करने की मांग की।
बीजेपी और संघर्ष सीमित ने किया स्वागत
भारतीय जनता पार्टी (BJP) और 'संघर्ष समिति' ने बुधवार को इस कदम का स्वागत किया। जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और पीपल्सडेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने इसे क्षेत्र के लिए एक झटका बताया। संघर्ष समिति हाल ही में बना एक समूह है। यह पिछले साल नवंबर से जम्मू में विरोध प्रदर्शन कर रही है।
संघर्ष समिति कॉलेज में एडमिशन रद्द करने की मांग कर रही है। साथ ही खास तौर पर माता वैष्णो देवी के भक्तों के लिए सीटों में आरक्षण की भी मांग कर रही है। संघर्ष समिति का गठन 50 MBBS छात्रों के पहले बैच के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंसटेस्ट (NEET) मेरिटलिस्ट के जरिएएडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद हुआ था।
इनमें से 42 छात्र मुस्लिम हैं। इसमें ज्यादातर कश्मीर से हैं। साथ ही जम्मू से सात हिंदू छात्र और एक सिख छात्र भी हैं। एडमिशन रद्द करने की मांग के अलावा, संघर्ष समिति हिंदू छात्रों के लिए सीटों में आरक्षण की भी मांग कर रही है।
किस पार्टी ने क्या कहा?
BJP की जम्मू और कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा ने पत्रकारों से कहा, "हम नेशनल मेडिकल कमीशन के मेडिकलअसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के फैसले का स्वागत करते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अनुमति रद्द करके छात्रों का भविष्य सुरक्षित किया है।"
संघर्ष समिति ने ढोल बजाकर और मिठाइयां बांटकर NMC के फैसले का जश्न मनाया। संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल (रिटायर्ड) सुखवीर सिंह मनकोटिया ने पत्रकारों से कहा, "हम अपना 45 दिन का सफल आंदोलन खत्म कर रहे हैं। लेकिन हम श्राइन बोर्ड की गतिविधियों पर नजर रखेंगे, जिसे सरकारी मामलों में दखल देने के बजाय सिर्फ हिंदुओं के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।"
नेशनल कॉन्फ्रेंस के मीडिया प्रभारी (पीर पंजाल) विवेक शर्मा ने कहा कि माता वैष्णो देवी मेडिकलकॉलेज का बंद होना जम्मू के लिए एक बड़ा झटका है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने नफरत की राजनीति की निंदा करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को सांप्रदायिक एजेंडे के लिए बलि चढ़ाने के बजाय बातचीत, नियमों का पालन और सुधार के माध्यम से मजबूत किया जाना चाहिए। PDP प्रवक्ता आदित्य गुप्ता ने दावा किया कि कॉलेज बंद होने के लिए बीजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस जिम्मेदार हैं।