Vande Bharat News: 'वंदे भारत' एक्सप्रेस पर 10 बड़े अपडेट! काशी को मिलेगी स्लीपर ट्रेन, सूरत-उदयपुर रूट को भी मंजूरी; माल ढुलाई का भी हुआ ट्रायल

Vande Bharat News: 'वंदे भारत एक्सप्रेस' अब विस्तार के एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। इंडियन रेलवे स्लीपर सर्विस और नए रूट से लेकर तेज़ माल ढुलाई (फ्रेट ऑपरेशन) तक कई चीजों पर बुटेल ट्रेन की रफ्तार से काम कर रहा है। पूरे नेटवर्क में कई बदलाव हो रहे हैं। नए कनेक्शन एवं मौजूदा सर्विस में बदलाव के प्रस्ताव यात्रियों के बीच दिलचस्पी पैदा कर रहे हैं

अपडेटेड Sep 15, 2026 पर 1:00 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Vande Bharat News: वंदे भारत पर 10 बड़े अपडेट सा्मने आए हैं। यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए

Indian Railways News: 'वंदे भारत एक्सप्रेस' अब अपने विस्तार के एक नए दौर में एंट्री कर रही है। भारतीय रेलवे स्लीपर वंदे भारत सेवाओं, नए रूटों और तेज रफ्तार माल ढुलाई जैसी कई योजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई नए बदलाव और प्रस्ताव सामने आ रहे हैं, जिन पर यात्रियों की नजर बनी हुई है। आने वाले समय में वंदे भारत नेटवर्क का विस्तार सिर्फ यात्रियों की यात्रा को तेज करने तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि लंबी दूरी की रात की यात्रा और तेज माल परिवहन में भी इसकी भूमिका बढ़ सकती है।

वाराणसी से नई दिल्ली के बीच संभावित स्लीपर वंदे भारत से लेकर सूरत-उदयपुर वंदे भारत और 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ी के ट्रायल तक, रेलवे का फोकस अब सिर्फ दिन में चलने वाली चेयर-कार वंदे भारत ट्रेनों तक सीमित नहीं रह गया है।

आइए जानते हैं वंदे भारत से जुड़े 10 बड़े अपडेट


1. वाराणसी को मिल सकती है दिल्ली के लिए स्लीपर वंदे भारत

  • वाराणसी के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर अब आगे बढ़ने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड ने वाराणसी जंक्शन (कैंट) और नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत शुरू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। हालांकि, ट्रेन का अंतिम रूट अभी तय नहीं हुआ है।
  • उम्मीद जताई जा रही है कि यह सेवा त्योहारी सीजन से पहले शुरू हो सकती है। इससे दशहरा और दिवाली के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को राहत मिल सकती है।
  • वाराणसी से पहले से ही काशी विश्वनाथ, शिवगंगा और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें चलती हैं। इसके अलावा वाराणसी जंक्शन से दो वंदे भारत और तीन महामना एक्सप्रेस सेवाएं भी साप्ताहिक आधार पर संचालित होती हैं। इसके बावजूद यात्रियों की मांग काफी अधिक बनी हुई है।
  • खासकर रविवार शाम को दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में स्लीपर वंदे भारत काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प बन सकती है।

2. नई दिल्ली-पटना स्लीपर वंदे भारत की भी चर्चा

  • नई दिल्ली और पटना के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस सेवा की शुरुआत को लेकर कोई अंतिम मंजूरी या आधिकारिक कार्यक्रम नहीं दिया गया है।
  • स्लीपर वंदे भारत के विस्तार की चर्चाओं के बीच नई दिल्ली-पटना जैसे व्यस्त रूट पर ऐसी ट्रेन की संभावना यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

3. तेज रफ्तार माल ढुलाई के लिए वंदे भारत ट्रेन

  • न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वंदे भारत का इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को तेज गति से सफर कराने तक सीमित नहीं रहने वाला है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा बनाई गई 16 कोच वाली ट्रेन को पार्सल और अन्य सामान को अधिक रफ्तार से पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है।
  • इस ट्रेन का संभावित ग्राहक आधार पारंपरिक माल ढुलाई से आगे बढ़कर ई-कॉमर्स, कूरियर सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है।
  • अगर तेज रफ्तार मालगाड़ियों को बड़े स्तर पर सफलतापूर्वक चलाया जाता है, तो समय के प्रति संवेदनशील सामान को देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए कारोबारियों को परिवहन का एक और विकल्प मिल सकता है।

4. सूरत को मिली पहली वंदे भारत सेवा की मंजूरी

  • सूरत को अपनी पहली वंदे भारत सेवा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। रेलवे बोर्ड ने सूरत और उदयपुर सिटी के बीच नई वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी दी है।
  • प्रस्तावित ट्रेन का नंबर 26903/26904 बताया गया है। यह ट्रेन करीब 690 किलोमीटर की दूरी लगभग 7 घंटे 30 मिनट में तय करेगी।
  • ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना है और मंगलवार को इसका विकली ऑफ रहेगा।
  • ट्रेन सूरत से सुबह 6:10 बजे रवाना होकर दोपहर 1:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। जबकि वापसी में उदयपुर से ट्रेन दोपहर 3:35 बजे चलेगी और रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी।

5. सूरत-उदयपुर वंदे भारत के रास्ते में 9 प्रमुख ठहराव

  • आठ कोच वाली इस वंदे भारत ट्रेन के रास्ते में कुल 9 कमर्शियल स्टॉप प्रस्तावित हैं। इनमें शामिल हैं:-

भरूच

वडोदरा

आनंद

मणिनगर

असारवा

हिम्मतनगर

शामलाजी रोड

डूंगरपुर

जावर

  • यह ट्रेन गुजरात और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण शहरों को तेज रेल कनेक्टिविटी से जोड़ेगी। इससे दोनों राज्यों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, नई सूरत-उदयपुर वंदे भारत मौजूदा उदयपुर सिटी-असारवा वंदे भारत की जगह ले सकती है। यह ट्रेन फरवरी 2026 में शुरू हुई थी।
  • रेलवे बोर्ड की 31 अगस्त की मंजूरी के बाद नई सर्विस नवरात्रि से पहले शुरू होने की उम्मीद है। इस साल नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है।

6. मंगलुरु-बेंगलुरु वंदे भारत के समय पर उठे सवाल

  • बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच प्रस्तावित वंदे भारत का रनिंग टाइम ट्रायल पूरा हो चुका है। लेकिन ट्रायल के दौरान सामने आए समय को लेकर कर्नाटक के तटीय इलाकों के यात्री संगठनों ने चिंता जताई है।
  • दक्षिण पश्चिम रेलवे के ट्रायल में सुबह बेंगलुरु से ट्रेन चलाने और बाद में उसी दिन वापसी का कार्यक्रम शामिल था।
  • हालांकि, यात्री प्रतिनिधियों का कहना है कि अंतिम समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए, जिससे तटीय क्षेत्र से बेंगलुरु आने वाले कामकाजी और कारोबारी यात्रियों को वास्तविक फायदा मिल सके।
  • पश्चिम करावली रेलवे यात्री अभिवृद्धि समिति के अध्यक्ष जी. हनुमंथ कामथ ने मांग की है कि ट्रेन सुबह मंगलुरु से रवाना हो और उसी रात वापस लौटे।
  • यात्रियों की चिंता यह है कि अगर ट्रेन बेंगलुरु बहुत देर से पहुंचेगी, खासकर आधी रात के करीब, तो सरकारी या कारोबारी काम से राजधानी आने वाले यात्रियों के लिए इसका उपयोग सीमित हो जाएगा।
  • यात्री संगठनों ने मंगलुरु सेंट्रल-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल वंदे भारत का उदाहरण देते हुए कहा है कि सुबह मंगलुरु से प्रस्थान और रात में वापसी का शेड्यूल यात्रियों के लिए बेहतर काम करता है।

7. बलांगीर से वंदे भारत की मांग पर रेलवे बोर्ड का जवाब

  • ओडिशा के बलांगीर से वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की मांग पर भी रेलवे बोर्ड ने जवाब दिया है। सांसद निरंजन बिशी ने 30 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बलांगीर से नई दिल्ली, वाराणसी, बेंगलुरु और जम्मू जैसे प्रमुख शहरों के लिए वंदे भारत कनेक्टिविटी की मांग की थी।
  • रेलवे बोर्ड ने अपने जवाब में कहा कि बलांगीर के पास पहले से 66 ट्रेन सेवाएं हैं। इनमें बेंगलुरु और वाराणसी की ओर जाने वाली कई ट्रेनें शामिल हैं। दिल्ली की ओर मौजूदा कनेक्टिविटी के लिए रेलवे ने समता एक्सप्रेस और टिटलागढ़ की कनेक्टिविटी का भी जिक्र किया।
  • हालांकि, रेलवे बोर्ड का जवाब नई वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी नहीं माना जा सकता। बोर्ड ने संकेत दिया है कि किसी नई ट्रेन सेवा की शुरुआत ट्रैफिक सर्वे, परिचालन की व्यवहार्यता और कोचों की उपलब्धता जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी।

8. वंदे भारत के TTE का वीडियो 1 करोड़ व्यूज के पार

  • नई ट्रेनों और रेलवे की योजनाओं से अलग वंदे भारत से जुड़ी एक घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। TTE अमित गुप्ता के अनुसार, दो लड़के एक रेलवे स्टेशन पर खड़ी वंदे भारत ट्रेन में सिर्फ अंदर से ट्रेन देखने के लिए चढ़ गए थे। ट्रेन में चढ़ने के बाद उसके दरवाजे बंद हो गए। वे तुरंत नीचे नहीं उतर सके।
  • इसके बाद उनकी मुलाकात TTE से हुई। शुरुआत में TTE को लगा कि दोनों बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं। ऐसे में उन पर 4,840 रुपये का संभावित जुर्माना लग सकता था। लड़कों ने बताया कि उनके पास सिर्फ 300 रुपये हैं। बाद में TTE को पता चला कि दोनों ट्रेन में यात्रा करने के लिए नहीं बल्कि उसे अंदर से देखने के लिए चढ़े थे।
  • इसके बाद TTE ने कथित तौर पर 300 रुपये लेने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए। उन्होंने दोनों लड़कों को अगले स्टेशन पर उतरने के लिए कहा और दरवाजे के पास वाले हिस्से में बैठने को कहा।
  • अमित गुप्ता ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। बताया गया है कि वीडियो को चार दिनों में 1 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वीडियो पर बड़ी संख्या में लाइक्स और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी आई हैं।

9. वंदे भारत बनाम राजधानी: कौन सी ट्रेन बेहतर?

  • वंदे भारत नेटवर्क के विस्तार के साथ इसकी तुलना राजधानी एक्सप्रेस से भी लगातार की जा रही है। हालांकि, दोनों ट्रेनों को अलग-अलग यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
  • पहली राजधानी एक्सप्रेस 1969 में नई दिल्ली और हावड़ा के बीच शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी और देश के प्रमुख शहरों के बीच तेज रात की यात्रा उपलब्ध कराना था।
  • वहीं, वंदे भारत ने फरवरी 2019 में नई दिल्ली-वाराणसी रूट से सेवा शुरू की और इसे मुख्य रूप से तेज दिन की इंटर-सिटी यात्रा के लिए तैयार किया गया।
  • दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर यात्रा के स्वरूप का है। सामान्य वंदे भारत में चेयर-कार यात्रा की सुविधा होती है, जबकि कई सेवाओं में एग्जीक्यूटिव चेयर कार भी उपलब्ध है।
  • वंदे भारत में ऑटोमैटिक दरवाजे, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और आधुनिक सीटिंग जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
  • इसके मुकाबले राजधानी एक्सप्रेस में पारंपरिक रूप से फर्स्ट AC, सेकेंड AC और थर्ड AC में सोने की सुविधा होती है। इसलिए रातभर की यात्रा के लिए राजधानी अधिक उपयुक्त मानी जाती है।
  • हालांकि, स्लीपर वंदे भारत के आने के बाद दोनों ट्रेनों के बीच का यह अंतर धीरे-धीरे कम होता दिखाई दे रहा है।

10. स्लीपर वंदे भारत बदल सकती है लंबी दूरी की यात्रा का समीकरण

  • स्लीपर वंदे भारत में वंदे भारत की आधुनिक डिजाइन और तकनीक को रात की लंबी दूरी की यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ट्रेनों में सोने के लिए बर्थ, कुशन वाली बर्थ, शोर कम करने वाली तकनीक और सेंसर आधारित लाइटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
  • फर्स्ट AC सेक्शन में प्रीमियम यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मिलने की भी उम्मीद है। इससे स्लीपर वंदे भारत कुछ चुनिंदा रूटों पर राजधानी एक्सप्रेस समेत प्रीमियम रात की ट्रेनों को सीधी टक्कर दे सकती है।
  • आखिरकार यात्रियों के लिए फैसला सिर्फ ट्रेन के नाम पर नहीं, बल्कि यात्रा का समय, कुल अवधि, सुविधा और किराए जैसे पहलुओं पर निर्भर करेगा। ताजा घटनाक्रम से साफ है कि वंदे भारत अब सिर्फ तेज रफ्तार वाली दिन की इंटर-सिटी ट्रेन तक सीमित नहीं रह गई है।
  • स्लीपर सेवाएं, नए रूट, तेज माल ढुलाई और मौजूदा सेवाओं में बदलाव इसके अगले विस्तार की दिशा तय कर रहे हैं। वाराणसी-नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत और सूरत-उदयपुर जैसी प्रस्तावित सेवाएं यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी ला सकती हैं। जबकि तेज माल ढुलाई वाला मॉडल रेलवे के लिए एक नए कारोबारी क्षेत्र का रास्ता खोल सकता है।

ये भी पढ़ें- जेपी विशटाउन के 20,000 पेंडिंग फ्लैट्स पर बड़ा अपडेट! जानिए अब सुरक्षा ग्रुप कब तक पजेशन सौंपने की कर रहा बात

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।