Vibrant Gujarat 2026: AAI ने पेश किया भारत को 2047 तक एविएशन सुपरपावर बनाने का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इस बदलाव में विमानन क्षेत्र की भूमिका बेहद अहम है। साल 2014 में देश में जहां सिर्फ 74 हवाई अड्डे थे, वहीं 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है। AAI का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक देश में 350 से 400 हवाई अड्डों को चालू किया जाए

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 6:56 PM
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Vibrant Gujarat 2026: AAI ने पेश किया भारत को 2047 तक एविएशन सुपरपावर बनाने का रोडमैप

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 2026 के तहत राजकोट में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल एग्जीबिशन में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने भारतीय विमानन क्षेत्र के भविष्य की झलक पेश की है। AAI यहां यह दिखा रहा है कि कैसे भारत का एविएशन सेक्टर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इस बदलाव में विमानन क्षेत्र की भूमिका बेहद अहम है। साल 2014 में देश में जहां सिर्फ 74 हवाई अड्डे थे, वहीं 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है। AAI का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक देश में 350 से 400 हवाई अड्डों को चालू किया जाए, ताकि हवाई कनेक्टिविटी देश के हर कोने तक पहुंचे और विकास को नई गति मिले।

एग्जीबिशन में बना AAI पवेलियन एक आधुनिक एयरपोर्ट टर्मिनल की तरह तैयार किया गया है। यहां रनवे का मॉडल, इंटरैक्टिव क्विज, सेल्फी पॉइंट और कई आकर्षक एक्टिविटी मौजूद हैं। खास तौर पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भूमिका को आसान भाषा में समझाया गया है, जिससे लोग जान सकें कि तकनीक और इंसानी कौशल मिलकर आसमान को सुरक्षित कैसे रखते हैं।


पवेलियन का एक खास आकर्षण “सपनों की उड़ान” पहल है। इसके जरिए छात्रों और युवाओं को एविएशन सेक्टर में करियर के अवसरों की जानकारी दी जा रही है। इंजीनियरिंग, फायर सर्विस, एयर नेविगेशन, फाइनेंस और ह्यूमन रिसोर्स जैसे कई क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं को समझाया जा रहा है। AAI का मानना है कि विकसित भारत का सपना मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कुशल युवाओं से ही पूरा होगा।

पवेलियन में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा भी लगाई गई है, जो देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। यह AAI के उस मिशन को दर्शाती है, जिसके तहत हवाई मार्गों से पूरे देश को जोड़ा जा रहा है।

यहां विमानन से जुड़ी कई अन्य झलकियां भी देखने को मिल रही हैं। एयरपोर्ट फायर फाइटिंग उपकरण, वर्चुअल रियलिटी अनुभव, इंटरैक्टिव कियोस्क और बच्चों के लिए मजेदार एविएशन क्विज़ लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। गुजरात की एयर कनेक्टिविटी को राज्य की कला और संस्कृति के साथ प्रस्तुत किया गया है।

पवेलियन का एक अहम हिस्सा उड़ान (UDAN) – क्षेत्रीय संपर्क योजना को समर्पित है। इंटरैक्टिव स्क्रीन के जरिए बताया जा रहा है कि कैसे उड़ान योजना ने सस्ती हवाई यात्रा को बढ़ावा दिया है और दूर-दराज़ के इलाकों को देश की मुख्यधारा से जोड़ा है, खासकर गुजरात में इसके विस्तार को प्रमुखता से दिखाया गया है।

देशभक्ति के रंग में रंगा यह पवेलियन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सामूहिक गायन का भी आयोजन कर रहा है। छात्र, युवा और विशिष्ट अतिथि एक साथ मिलकर देश के प्रति गर्व और एकता का संदेश दे रहे हैं।

AAI ने छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे मारवाड़ी यूनिवर्सिटी, राजकोट में स्थित इस पवेलियन का दौरा करें। यह पवेलियन 15 जनवरी 2026 तक खुला रहेगा और यह दिखाता है कि भारतीय विमानन सिर्फ हवाई अड्डे नहीं बना रहा, बल्कि एक जुड़े हुए, आत्मविश्वासी और वैश्विक भारत के भविष्य की नींव रख रहा है।

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