Viral Video: देश के कई हिस्सों में अभी भी किसी घर में जब तक लड़के का जन्म नहीं हो जाता है तब तक उस परिवार को अधूरा माना जाता है। कम से कम एक बेटा होना भारतीय परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा होता है। दहेज प्रथा और शादी के बढ़ते खर्चों जैसी पुरानी प्रथाओं के कारण बेटियों को अभी भी कुछ लोग आर्थिक बोझ मानते हैं। हरियाणा के जींद जिले का एक हालिया मामला इस सोच को एक बार फिर सामने ला दिया है। एक कपल ने बेटे के जन्म के बाद जेंडर भेदभाव पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। वे पहले से ही एक या दो नहीं, बल्कि 10 बेटियों के माता-पिता थे।
