Waqf Amendment Bill: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार (2 अप्रैल) को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को चर्चा और पारित कराने के लिए पेश कर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती UPA सरकार ने वक्फ कानून में बदलावों के जरिए इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था। इसलिए इसमें नए संशोधनों की जरूरत पड़ी। रिजिजू ने सदन में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने उन मुद्दों पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की, जो वक्फ विधेयक का हिस्सा नहीं हैं।
उन्होंने विधेयक को लेकर विपक्षी दलों द्वारा जताई जा रही चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा कि सरकार किसी भी धार्मिक संस्था में हस्तक्षेप नहीं करने जा रही। इस बीच, देश के कुछ मुस्लिम समुदाय से भी वक्फ बिल का समर्थन मिल रहा है।
अलीगढ़ के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना इब्राहिम हुसैन ने वक्फ विधेयक का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि इस बिल से कानून में बदलाव होगा और माफियागिरी बंद होगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गरीब तबके के लोगों को इसका फायदा पहुंचेगा।
इब्राहिम हुसैन ने 'लोकल 18' से कहा कि वक्फ बिल लाने के लिए हम सरकार के बहुत शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा, "पुराने काले कानून के जरिए जो क्राइम, भ्रष्टाचार और हराम की कमाई हो रही थी, उस पर रोक लगेगी। पुराने काले कानून का अंत होगा और समाज से अपराध और भ्रष्टाचार खत्म होगा।"
मौलाना ने आगे कहा, "माफियागिरी का अंत होगा और कमजोर और पसमांदा तबके के गरीब यतीम लोगों को उनके छीने गए अधिकार वापस मिलेंगे। उन्हें न्याय मिलेगा। हम दुआ कर रहे हैं कि यह बिल आज पास हो जाए।" इब्राहिम हुसैन ने आगे कहा, "विपक्ष जो विरोध कर रहा है, उसमें खास लोग शामिल हैं जिन्होंने मुसलमानों की सरपरस्ती और रहनुमाई की आड़ में वक्फ प्रॉपर्टी पर कब्जा किया। अवैध कब्जे करके गरीबों के हक दबा लिए। अब वे माफिया उन प्रॉपर्टीज पर काबिज हैं। उनसे मालदार और अमीर हो गए हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "इस बिल के पास होने के बाद उनसे प्रॉपर्टी छीनी जाएगी। गरीब कमजोर लोगों को न्याय मिलेगा। उनके अधिकार मिलेंगे। इसलिए वे भ्रमित कर रहे हैं। गुमराह कर रहे हैं ताकि उनकी प्रॉपर्टी उनके नीचे से न छिने।" मौलाना ने आगे कहा कि विपक्ष की तरफ से विरोध उनके अपने स्वार्थ के लिए है, किसी वंचित लोगों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि वे पब्लिक को गुमराह कर रहे हैं।
सरकार ने बुधवार को कहा कि अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं। कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों का सही से प्रबंधन होता तो केवल मुसलमानों की ही नहीं, बल्कि देश की तकदीर भी बदल जाती।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को चर्चा और पारित कराने के लिए रखते हुए यह भी कहा कि इसके माध्यम से सरकार और वक्फ बोर्ड मस्जिद समेत किसी धार्मिक संस्था के किसी धार्मिक कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।