Sambhal Rape Case: उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध की गुत्थी को पुलिस के एक वफादार और जांबाज डॉग ने महज कुछ ही मिनटों में सुलझा दिया। जब पुलिस की जांच पूरी तरह एक बंद गली में पहुंच चुकी थी और आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल रहा था तब संभल पुलिस की के-9 यूनिट की जांबाज लैब्राडोर मैरी ने अपनी सूंघने की गजब की क्षमता और ट्रेनिंग की मदद से अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचा दिया। क्राइम सीन पर छूटे एक गमछे को सूंघ कर मैरी ने सीधे आरोपी के घर का रास्ता ढूंढ निकाला। आइए जानते हैं संभल के इस चर्चित केस की पूरी इनसाइड स्टोरी।
पहले आप यहां वो वीडियो देखिए जहां मैरी कर रही अपनी जांच
जब बंद गली में पहुंच गई थी पुलिस की जांच
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यह दर्दनाक घटना संभल के बबराला इलाके में गत 19 जून को सामने आई थी। यहां एक 6 साल की मासूम बच्ची को उसकी मां ने बेहद व्यथित और गंभीर स्थिति में पाया था। बच्ची इतनी डरी और सहमी हुई थी कि वह अपने साथ हुई दरिंदगी को बयां करने की स्थिति में भी नहीं थी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की लेकिन शुरुआती जांच में अधिकारियों के सामने कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गईं। घटना वाले इलाके में कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। इस वारदात का कोई चश्मदीद गवाह भी नहीं था। उत्तर प्रदेश पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक हालांकि फोरेंसिक सैंपल और घटनास्थल से कुछ सामान जरूर इकट्ठा किए गए थे लेकिन शुरुआत में आरोपी को लेकर कोई भी साफ सुराग हाथ नहीं लग रहा था।
मैरी को सुंघाया गया गमछा और मिल गया कातिल रास्ता
जब पारंपरिक और पारंपरिक जांच के तरीके नाकाम साबित हुए तो पुलिस ने जिले के डॉग स्क्वायड को याद किया। के-9 यूनिट में तैनात 7 साल की लैब्राडोर डॉग मैरी को घटनास्थल पर लाया गया। संभल पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक मैरी को अपराध स्थल से बरामद हुए आरोपी के गमछे को सूंघने के लिए दिया गया। गमछा सूंघते ही मैरी को आरोपी की गंध मिल गई और उसने तुरंत जांच को एक निर्णायक दिशा दे दी। मैरी गंध के सहारे पास की गलियों से होते हुए आगे बढ़ी और घटना स्थल से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित एक घर के सामने जाकर रुक गई। मैरी की इसी सटीक ट्रैकिंग क्षमता की बदौलत पुलिस सीधे आरोपी के घर तक पहुंच गई।
पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी, पैर में लगी गोली
डॉग स्क्वायड की मदद से आरोपी की पहचान बबराला के ही रहने वाले संदीप के रूप में हुई। पहचान पुख्ता होते ही पुलिस टीमों को उसकी गिरफ्तारी के लिए रवाना किया गया। 22 जून की रात को चेकिंग के दौरान पुलिस ने जब आरोपी को घेरने की कोशिश की तो उसने बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। आरोपी संदीप गोली लगने से घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी जख्मी हुआ है। फिलहाल दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
गोल्ड मेडलिस्ट है मैरी, एसपी ने दिया 10000 रुपये का इनाम
इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले को इतनी सूझबूझ से सुलझाने के लिए संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने मैरी को 10000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक मैरी अपने ट्रेनिंग बैच की गोल्ड मेडलिस्ट रही है और साल 2019 से संभल जिले में अपनी सेवाएं दे रही है। इससे पहले भी मैरी ने हत्या, चोरी और कई अन्य गंभीर अपराधों को सुलझाने में पुलिस की बहुत बड़ी मदद की है। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जहां इलेक्ट्रॉनिक सबूत या चश्मदीदों की कमी होती है, वहां प्रशिक्षित पुलिस डॉग्स जांच के लिए कितने महत्वपूर्ण साबित होते हैं।