Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में कथित प्राइमरी स्कूल भर्ती घोटाले के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के द्वारा की गई 11 की घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। रात करीब 10:15 बजे ED दफ्तर से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे न तो सरेंडर करेंगे और न ही बीजेपी के सामने झुकेंगे।
उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई बार केंद्रीय जांच एजेंसियों के सामने पेश हो चुके हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि "अगर वे मुझे बुलाएंगे तो मैं फिर आऊंगा, लेकिन अगर वे हमारा गला भी काट दें, तब भी हम घुटने नहीं टेकेंगे।"
बता दें कि यह लंबी पूछताछ उस घटना के एक दिन बाद हुई, जब अभिषेक बनर्जी से राज्य की सीआईडी (CID) ने भी करीब साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूछताछ विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों पर विधायकों (MLAs) के कथित फर्जी हस्ताक्षरों के मामले में की गई थी।
बीजेपी की विपक्ष-मुक्त राजनीतिक व्यवस्था बनाने की कोशिश
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि BJP पश्चिम बंगाल में विपक्ष-मुक्त राजनीतिक व्यवस्था बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "BJP के बारे में जितना कम कहा जाए, उतना ही अच्छा है। पिछले एक महीने से उन विपक्षी ताकतों को दबाने, डराने और खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं जो बिना झुके लड़ रही हैं। यह पूरी कवायद पश्चिम बंगाल में विपक्ष-मुक्त राजनीतिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए है।"
टीएमसी सांसद ने आगे कहा की "उन्होंने पार्टी के चुने हुए विधायकों और सांसदों को तोड़ लिया है। हालांकि, मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि इन सब कोशिशों का आखिर में कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम हार नहीं मानेंगे।"
वहीं, भर्ती घोटाले के मामले का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा, FIR चार साल पहले दर्ज की गई थी और CBI ने जून 2022 में इसकी जांच शुरू की थी। उन्होंने बताया कि जुलाई 2022 में कई गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन मामला अब भी सुलझा नहीं है। उन्होंने पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता-आधारित भर्ती प्रक्रिया के लिए अपना समर्थन दोहराया और कहा कि योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी देरी के वे नौकरियां मिलनी चाहिए जिनके वे हकदार हैं।
बता दें कि मंगलवार को उन्हें दक्षिण कोलकाता स्थित CID मुख्यालय में पूछताछ के लिए पेश होना है। यह पूछताछ उनके खिलाफ दर्ज एक FIR के सिलसिले में होगी, जिसमें उन पर राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों से पहले हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप है। इस मामले में पूछताछ के लिए CID अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस भेजा था।