कल का मौसम 16 जून: IMD ने बिहार समेत इन 9 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-हरियाणा में ऐसा रहेगा मौसम

Weather Forecast for June 16: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि मानसून 15 जून को आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सभी बचे हुए हिस्सों समेत बिहार, झारखंड, ओड़िशा और तेलंगाना के कई नए इलाकों में प्रवेश कर चुका है। मौसम विभाग ने 16 जून के लिए देश के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है

अपडेटेड Jun 15, 2026 पर 5:36 PM
Weather Forecast for June 16: देश के करीब 19 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है

Weather Forecast for June 16: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया है कि मानसून 15 जून को आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के सभी बचे हुए हिस्सों समेत बिहार, झारखंड, ओड़िशा और तेलंगाना के कई नए इलाकों में प्रवेश कर चुका है। मौसम विभाग ने 16 जूनके लिए देश के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।

IMD ने बिहार, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के 9 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-हरियाणा समेत उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

16 जून को इन 9 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट


मौसम विभाग के मुताबिक, मानसूनी हवाओं और सक्रिय वेदर सिस्टम के चलते 16 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

बिहार

असम

मेघालय

अरुणाचल प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल

सिक्किम

तमिलनाडु

पुडुचेरी

केरल (माहे समेत)

इसके अलावा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में भी कल आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश होने का अनुमान है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: जानिए कैसा रहेगा मौसम?

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 16 जून को भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिलेगा:-

दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़: इन क्षेत्रों में 16 जून को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, गरज-चमक होने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके बाद यहां 18 से 20 जून के बीच दोबारा ऐसा ही मौसम देखने को मिलेगा।

पंजाब: पंजाब में भी 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश का पूर्वानुमान है।

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 से 19 जून के बीच छिटपुट से लेकर हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।

राजस्थान में थंडरस्क्वाल और धूल भरी आंधी का कहर

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 16 जून को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी अंधड़ चल सकता है, जिसके झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही इन इलाकों में भीषण धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है।

देश के अन्य हिस्सों में आंधी-तूफान और हवाओं की स्थिति

16 जून को देश के कई अन्य राज्यों में भी 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने, बिजली कड़कने और बारिश का अनुमान है:-

मध्य और पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश (पूर्वी व पश्चिमी हिस्सा), छत्तीसगढ़, झारखंड, ओड़िशा और गंगीय पश्चिम बंगाल। (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में यह दौर 19 जून तक बना रहेगा)।

दक्षिण और पश्चिम भारत: तटीय व आंतरिक कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह। तटीय कर्नाटक में कल हवाओं की रफ्तार थोड़ी कम (30-40 किमी/घंटा) रहने की उम्मीद है।

इन इलाकों में चलेगी लू

एक तरफ जहां कई राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। वहीं कुछ इलाकों में अभी भी सूरज के तेवर तीखे रहेंगे। तेलंगाना और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू चलने की आशंका है। विदर्भ में लू का यह असर 17 जून तक जारी रह सकता है।

KHGClipboard16

ओडिशा के साथ-साथ महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कल मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहेगा। कोंकण और गोवा के इलाकों में 16 जून को रात के समय भी अत्यधिक गर्मी और बेचैनी महसूस होगी। उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 18 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 19 से 21 जून के दौरान तापमान स्थिर रहेगा।

ऐसे मौसम के पीछे की बड़ी वजह

आईएमडी के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अगले 4-5 दिनों में इसके महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और बिहार-झारखंड के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं।

पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक एक मौसमी ट्रफ रेखा बनी हुई है। इसके अलावा पूर्वी बिहार से लेकर दक्षिणी छत्तीसगढ़ तक एक अन्य ट्रफ रेखा मौजूद है। दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, दक्षिणी पंजाब, और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से सटे दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) बने हुए हैं।

ये भी पढ़ें- Dust Storm: धूल वाली आंधी से चुरू में दिन में अंधेरा, दिल्ली में 92Kmph की स्पीड के बाद अलर्ट! IMD वैज्ञानिक ने बताई इसकी वजह

उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) चक्रवाती संचरण के रूप में सक्रिय है। इसके बाद 18 जून 2026 से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने आ रहा है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।