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WEF Davos 2026: 10 राज्यों के प्रतिनिधि बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच निवेशकों को लुभाएंगे, भारत के लिए कितनी अहम है यह बैठक?

WEF का 56वां एडिशन 19 जनवरी से 23 जनवरी के बीच होगा। इसमें 130 से ज्यादा देशों के करीब 3000 लीडर्स हिस्सा लेंगे। इनमें 400 टॉप पॉलिटिकल लीडर्स और 850 सीईओ होंगे। केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी और के राममोहन नायडू के अलावा 10 राज्यों के प्रतिनिधि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 17, 2026 पर 9:52 PM
WEF Davos 2026: 10 राज्यों के प्रतिनिधि बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच निवेशकों को लुभाएंगे, भारत के लिए कितनी अहम है यह बैठक?
दावोस में यह आयोजन दिल्ली में होने वाले ग्लोबल इंडिया एआई समिट के कुछ हफ्तों पहले हो रहा है।

स्विट्जरलैंड के दावोस में 56वें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) का आयोजन ऐसे वक्त हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर काफी अनिश्चितता है। इस दौरान 'स्पिरिट ऑफ डायलॉग' थीम पर आयोजित चर्चा में दुनिया के कई बड़े लीडर्स शामिल होंगे। पिछले साल डब्ल्यूईएफ में ड्रामा देखने को मिला था। इसके संस्थापक क्लॉस श्वाब ने पांच दशक बाद चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उन पर वित्तीय हेराफेरी के आरोप लगे थे।

 19 जनवरी से 23 जनवरी के बीच आयोजन

WEF का 56वां एडिशन 19 जनवरी से 23 जनवरी के बीच होगा। इस बार दुनिया के देश नई विश्व व्यवस्था के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं, जिस पर ट्रंप की छाया दिख रही है। ग्लोबल इंटिग्रेटेड मार्केट प्लेस अब बंटा हुआ नजर आता है। किसी देश की संप्रभुता की गांरटी नहीं रह गई है। चीन टेक्नोलॉजी के सुपरपावर के रूप में मजबूत हो रहा है। इकोनॉमिस्ट्स और डिप्लोमैट्स आज के माहौल को ऐसे मार्केट्स के रूप में देख रहे हैं, जो तटस्थ नहीं रह गया है। ट्रेड, टेक्नोलॉजी और कैपिटल फ्लो के साथ ही पावर पॉलिटिक्स इसकी दिशा तय कर रहे हैं।

इस बार भारत का प्रतिनिधिमंडल सबसे बड़ा

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