West Bengal Election Results: पश्चिम बंगाल की ये 19 सीटें कहीं BJP को फंसा न दें! इनपर इतना थिन मार्जिन कि कुछ भी मुमकिन
West Bengal Election Result: सबसे ज्यादा चर्चा नंदीग्राम सीट की हो रही है, जहां सुवेंदु अधिकारी केवल 662 वोटों से आगे चल रहे हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी यहां का मुकाबला अंतिम राउंड तक रोमांचक रहने की उम्मीद है
इन सीटों पर पल-पल बदलते समीकरणों ने उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की सांसें अटका दी हैं
West Bengal Election Results: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कई ऐसी सीटें हैं जहां जीत-हार का अंतर 1000 वोटों से भी कम है। इन सीटों पर पल-पल बदलते समीकरणों ने उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की सांसें अटका दी हैं।
इन सीटों पर है कांटे की टक्कर
मतगणना के दौरान कुछ सीटों पर मार्जिन इतना कम है कि अगले राउंड की गिनती किसी भी तरफ पासा पलट सकती है। यहां उन प्रमुख सीटों का ब्यौरा है जहां मार्जिन 1000 वोटों से कम है:
मानबाजार (243): इस सीट पर सबसे करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहाँ मयना मुर्मू महज 21 वोटों की मार्जिन से आगे चल रही हैं।
रायदिघी (134): यहां पलाश राना सिर्फ 41 वोटों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं।
पिंगला (227): स्वागत मन्ना की बढ़त का अंतर केवल 135 वोट है।
मेमारी (265): यहां मानब गुहा मात्र 162 वोटों से आगे चल रहे हैं।
बागनन (180): प्रमंशु राना 293 वोटों की मार्जिन के साथ बढ़त पर हैं।
तपन (40): बुधराई टुडू का मार्जिन 408 वोट है।
रामपुरहाट (291): ध्रुव साहा 475 वोटों से आगे हैं।
उत्तरपारा (185): दीपांजन चक्रवर्ती 527 वोटों के अंतर से लीड कर रहे हैं।
चांदीतला (194): देबाशीष मुखर्जी 580 वोटों की मार्जिन पर हैं।
बाली (169): संजय कुमार सिंह 636 वोटों से आगे चल रहे हैं।
नंदीग्राम (210): हाई-प्रोफाइल सीट नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी की बढ़त महज 662 वोटों की है।
बर्धमान दक्षिण (260): मौमिता विश्वास मिश्रा 705 वोटों से आगे हैं।
आउसग्राम (273): कलिता माझी का मार्जिन 761 वोट है।
नवद्वीप (84): श्रुतिशेखर गोस्वामी 818 वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं।
चंदननगर (189): दीपांजन कुमार गुहा 922 वोटों से आगे हैं।
कालचीनी (11): बिशाल लामा 949 वोटों की मार्जिन पर हैं।
दुबराजपुर (284): अनूप कुमार साहा 979 वोटों से लीड कर रहे हैं।
नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी की फंसी सांसें
सबसे ज्यादा चर्चा नंदीग्राम सीट की हो रही है, जहां सुवेंदु अधिकारी केवल 662 वोटों से आगे चल रहे हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी यहां का मुकाबला अंतिम राउंड तक रोमांचक रहने की उम्मीद है। इतने कम मार्जिन का मतलब है कि पोस्टल बैलेट या अंतिम राउंड की मशीनें चुनावी परिणाम को किसी भी वक्त पलट सकती हैं।
क्यों अहम हैं ये 'लो-मार्जिन' सीटें?
त्रिशंकु विधानसभा या करीबी मुकाबले की स्थिति में ये 10-15 सीटें ही तय करती हैं कि सत्ता की चाबी किसके पास जाएगी। कम अंतर वाली सीटों पर अक्सर पुनर्मतगणना की मांग उठती है, जिससे परिणाम आने में देरी भी हो सकती है। फिलहाल, मानबाजार की 21 वोटों की लीड ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में वाकई एक-एक वोट की कितनी अहमियत होती है।